- 3200 की आस और पेंशन पर ‘कैंची’, अभय चौटाला ने फूंका आंदोलन का बिगुल
- 75 हजार बुजुर्गों की रुकी पेंशन, अब पंचकूला की सड़कों पर होगा आर-पार का संग्राम
- इनेलो का सीधा वार: ‘चौधरी देवीलाल के सम्मान पर भाजपा सरकार का हमला बर्दाश्त नहीं’
- कर्ज में डूबा हरियाणा, बजट के आंकड़ों और ज़मीनी हकीकत के बीच छिड़ी सियासी जंग
Haryana News: हिसार के ताऊ देवी लाल सदन में जब इनेलो की राष्ट्रीय कार्यकारिणी जुटी, तो माहौल में सिर्फ चुनावी रणनीति नहीं बल्कि एक गहरी नाराजगी भी दिखी। यह नाराजगी उन बुजुर्गों के हक को लेकर थी जिनकी पेंशन पर फिलहाल सरकारी ‘कैंची’ चल गई है। इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने साफ शब्दों में कह दिया कि हरियाणा की सरकार बुजुर्गों को सम्मान देने के बजाय उन्हें दफ्तरों के चक्कर काटने पर मजबूर कर रही है।
हरियाणा की सियासत में बुजुर्गों की पेंशन महज एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि एक जज्बात है। अभय चौटाला ने इसी जज्बात को छूते हुए याद दिलाया कि यह पेंशन जननायक चौधरी देवीलाल की विरासत है। उन्होंने कहा कि जब यह शुरू हुई थी, तब इसमें कोई पेच नहीं था, सिर्फ उम्र ही पैमाना थी। लेकिन आज की सरकार ने इसे शर्तों के जाल में उलझा दिया है।
चौटाला का सीधा आरोप है कि मुख्यमंत्री ने नवंबर में बड़े जोर-शोर से पेंशन को 3200 रुपए करने का वादा किया था, लेकिन हकीकत में करीब 75 हजार बुजुर्गों की पेंशन रोक दी गई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि एक हाथ से देने का वादा कर दूसरे हाथ से छीनना ही इस सरकार की कार्यशैली बन गई है।
सियासी गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि क्या पेंशन का मुद्दा फिर से हरियाणा की राजनीति का केंद्र बनेगा? अभय चौटाला ने इसके संकेत दे दिए हैं। उन्होंने ऐलान किया कि 20 फरवरी को जब विधानसभा का सत्र शुरू होगा, तब हजारों बुजुर्गों के साथ इनेलो पंचकूला में दस्तक देगी। यह सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि सरकार को अपनी घोषणाएं याद दिलाने की एक कोशिश होगी।
हिसार की इस बैठक में केवल पेंशन ही मुद्दा नहीं रही। अभय चौटाला ने प्रदेश की आर्थिक सेहत पर भी श्वेत पत्र जैसी कड़वाहट भरी बातें कहीं। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा आज तीन लाख करोड़ रुपए के कर्ज के नीचे दबा हुआ है। जब खजाना खाली हो और नियत में खोट हो, तो विकास की बातें सिर्फ कागजों पर अच्छी लगती हैं। नरेगा से लेकर शिक्षा तक, हर मोर्चे पर बजट के ‘लैप्स’ होने के पीछे उन्होंने सरकार की अक्षमता को जिम्मेदार ठहराया।
कांग्रेस को भी इस हमले से राहत नहीं मिली। चौटाला ने चुटकी लेते हुए कहा कि कांग्रेस सिर्फ अखबार की सुर्खियों और बंद कमरों में लड़ना जानती है। उनके मुताबिक, सड़क पर उतरकर पसीना बहाने का दम सिर्फ इनेलो के कार्यकर्ताओं में है। अपनी ताकत को धार देने के लिए पार्टी अब 23 मार्च को नरवाना में एक बड़ा युवा सम्मेलन करने जा रही है, जिसे शहीद भगत सिंह के सम्मान में ‘युवा शहीदी दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा।
आने वाले निकाय चुनावों को लेकर भी पार्टी ने अपनी तस्वीर साफ कर दी है। मेयर पद के लिए पार्टी अपने सिंबल पर मैदान में उतरेगी, जिसकी कमान जिला अध्यक्षों को सौंप दी गई है। कुल मिलाकर, हिसार की इस बैठक ने यह साफ कर दिया है कि इनेलो अब बैकफुट पर खेलने के मूड में नहीं है। पेंशन से लेकर कर्ज तक, पार्टी ने हर उस नब्ज को पकड़ा है जो सीधे आम जनता से जुड़ी है।
