न्यूज़ डेस्क, फतेहाबाद: कहते हैं कि इंसान अपनी मेहनत से दूसरों के घरों को सजाता है, ताकि अपना घर चल सके। लेकिन फतेहाबाद के अशोक नगर निवासी 60 वर्षीय धर्मवीर के लिए यह मेहनत ही उनकी जिंदगी की आखिरी जंग साबित हुई। शहर के पॉश इलाके हुडा सेक्टर में एक रिटायर्ड डीएसपी की कोठी को चमकाने का जिम्मा उठाए धर्मवीर को क्या पता था कि जिस ऊंचाई पर वो रंग भर रहे हैं, वही उनके जीवन का अंत लिख देगी।
कैसे हुआ दर्दनाक हादसा?
मिली जानकारी के मुताबिक, धर्मवीर पिछले तीन-चार दिनों से रिटायर्ड डीएसपी की कोठी में पेंटिंग (रंग-रोगन) का काम कर रहे थे। बुधवार की सुबह भी वो रोज की तरह अपनी सीढ़ी और ब्रश लेकर काम पर जुटे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब वो तीसरी मंजिल के एक बाहरी हिस्से पर पेंट कर रहे थे, तभी अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता या उन्हें संभाल पाता, धर्मवीर सीधे कंक्रीट के फर्श पर आ गिरे।
अस्पताल पहुँचने से पहले ही थमी सांसें
हादसे के बाद कोठी पर चीख-पुकार मच गई। आनन-फानन में उन्हें लहूलुहान हालत में नागरिक अस्पताल ले जाया गया, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। 60 साल की उम्र में भी परिवार का बोझ अपने कंधों पर ढोने वाले धर्मवीर की मौत की खबर जैसे ही उनके घर पहुँची, कोहराम मच गया।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुँची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शुरुआती जांच में इसे एक हादसा माना जा रहा है, लेकिन पुलिस हर पहलू से मामले की तफ्तीश कर रही है कि क्या ऊंचाई पर काम करते समय सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं।
मजदूर की मौत ने एक बार फिर निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, अशोक नगर की गलियों में सन्नाटा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
