कोलंबो: नई जंग, नए विवाद और पाकिस्तान का ‘आर या पार’ वाला मिशन – मित्रों क्रिकेट का सबसे बड़ा महाकुंभ T20 वर्ल्ड कप 2026 आज से अपनी चमक बिखेरने के लिए तैयार है। 20 टीमें, एक ट्रॉफी और करोड़ों फैंस की उम्मीदें, लेकिन इस टूर्नामेंट के शुरू होने से पहले ही पाकिस्तान क्रिकेट ने अपनी अनिश्चितता और विवादों से पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। आज श्रीलंका के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब (SSC) में जब पाकिस्तान की टीम नीदरलैंड्स के खिलाफ उतरेगी, तो मैदान पर सिर्फ प्रतिद्वंद्वी नहीं बल्कि टीम के भीतर और बाहर चल रहा तनाव भी एक बड़ी चुनौती होगा।
भारत से ‘बहिष्कार’ का बड़ा रिस्क: क्या दांव पर है सुपर-8 की जगह?
टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही पाकिस्तान ने एक सनसनीखेज फैसला लेकर हलचल मचा दी है। बांग्लादेश को टूर्नामेंट से हटाए जाने के विरोध में पाकिस्तान ने 15 फरवरी को आर प्रेमदासा स्टेडियम में भारत के खिलाफ होने वाले हाई-वोल्टेज मुकाबले का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला पाकिस्तान के लिए आत्मघाती साबित हो सकता है। भारत को ‘वॉकओवर’ मिलने से पाकिस्तान सीधे 2 अंक गंवा देगा। ऐसे में अगर नीदरलैंड्स, अमेरिका या नामीबिया जैसी टीमों के खिलाफ एक भी उलटफेर हुआ, तो पाकिस्तान के लिए ग्रुप स्टेज से आगे बढ़ना नामुमकिन हो जाएगा।
बाबर और फखर पर गिर सकती है गाज! कप्तान आगा के कड़े तेवर
मैदान के बाहर के विवादों के बीच कप्तान सलमान अली आगा ने टीम के भीतर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ के संकेत दिए हैं। नीदरलैंड्स मैच से पहले आगा ने साफ कर दिया कि अब टीम में नाम नहीं, बल्कि ‘कॉम्बिनेशन’ काम करेगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “अगर बेस्ट कॉम्बिनेशन में बाबर आजम और फखर जमान जैसे सीनियर खिलाड़ी फिट नहीं बैठते, तो उन्हें बाहर बैठने में संकोच नहीं किया जाएगा। हमारे लिए टीम का हित सर्वोपरि है।” यह बयान बाबर आजम के फैंस के लिए किसी झटके से कम नहीं है, जो लंबे समय से खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं।
पिच रिर्पोट: 16 साल बाद SSC में वापसी
आज के मैच का वेन्यू कोलंबो का सिंहली स्पोर्ट्स क्लब (SSC) अपने आप में एक पहेली है। यहां पिछले 16 सालों से कोई इंटरनेशनल T20 मैच नहीं खेला गया है। हालांकि, माना जा रहा है कि शुरुआत में तेज गेंदबाजों को मदद मिलेगी लेकिन जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ेगा, बल्लेबाजों के लिए रन बनाना आसान होगा। स्पिनर्स के लिए यहां बहुत ज्यादा टर्न की उम्मीद नहीं है, लेकिन वे अपनी चतुराई से खेल बदल सकते हैं।
मैच प्रिडिक्शन: उलटफेर का साया?
नीदरलैंड्स को कम आंकना पाकिस्तान की सबसे बड़ी भूल हो सकती है। 2022 में दक्षिण अफ्रीका को हराकर टूर्नामेंट से बाहर करने वाली डच टीम के पास खोने के लिए कुछ नहीं है। पाकिस्तान के लिए यह मैच सिर्फ जीत हासिल करने का नहीं, बल्कि अपने लड़खड़ाते आत्मविश्वास को थामने का है।
