नकली खाद-कीटनाशकों पर सख्त कानून की तैयारी, अगले संसद सत्र में लाएगी सरकार: शिवराज सिंह चौहान
केंद्र सरकार नकली खाद, कीटनाशक और फर्जी बायो-स्टिमुलेंट्स पर रोक के लिए नया कानून लाने जा रही है। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि अगले संसद सत्र में विधेयक पेश होगा, जबकि ग्रामीण रोजगार कानून में भी बड़े बदलाव किए गए हैं।
नई दिल्ली 21 दिसम्बर (NFLSpice News): देश में नकली खाद, कीटनाशक और भ्रामक नामों से बेचे जा रहे अनधिकृत बायो-स्टिमुलेंट्स पर सरकार अब सख्त रुख अपनाने जा रही है। किसानों को होने वाले नुकसान और बढ़ती शिकायतों के बीच केंद्र सरकार ने ऐलान किया है कि आने वाले संसद सत्र में नकली खाद और कीटनाशकों के खिलाफ नया कानून पेश किया जाएगा।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए व्यापक कदम उठाए जा रहे हैं और नए विधेयक के जरिए सख्त कानूनी प्रावधान किए जाएंगे।
नकली उत्पाद बेचने वालों पर कसेगा शिकंजा
किसान ट्रस्ट की ओर से आयोजित ‘चौधरी चरण सिंह किसान सम्मान समारोह’ में बोलते हुए मंत्री ने साफ कहा कि बेईमान व्यापारियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने संकेत दिए कि नए कानून के तहत कड़े दंड और सख्त कार्रवाई का प्रावधान होगा, ताकि किसानों के साथ होने वाली धोखाधड़ी को रोका जा सके।
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उनका कहना था कि नकली खाद और कीटनाशक सिर्फ फसल को नुकसान नहीं पहुंचाते, बल्कि किसानों की आमदनी और भरोसे दोनों पर असर डालते हैं।
ग्रामीण रोजगार कानून पर भी रखी बात
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने हाल ही में पारित ‘विकसित भारत – रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)’ कानून, जिसे ‘जी राम जी लॉ’ के नाम से जाना जा रहा है, पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि इस कानून की मूल भावना गरीब और ग्रामीण परिवारों के कल्याण से जुड़ी है।
उनके अनुसार, नए कानून के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में गारंटीशुदा रोजगार की अवधि 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है, जिससे मजदूरों को अधिक काम और आय के अवसर मिलेंगे।
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MGNREGA बजट पर उठाया सवाल
मंत्री ने MGNREGA के बजट का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले साल इस योजना के लिए 88 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, जिसे बाद में बढ़ाकर 1 लाख करोड़ और फिर 1.11 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया।
उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी राशि का क्या सही मायनों में ग्रामीण विकास के लिए उपयोग हो रहा है। मंत्री का कहना था कि सिर्फ गड्ढे खोदने जैसे कामों से योजना का असली उद्देश्य पूरा नहीं होता और इससे भ्रष्टाचार की गुंजाइश भी बनती है।
गांवों में दिखेगा विकास, रोजगार के साथ बदलाव
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि नया कानून रोजगार के साथ-साथ गांवों में ठोस बदलाव लाने पर जोर देता है। इसके तहत हर गांव अपनी जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों की सूची तैयार करेगा।
इस योजना के अंतर्गत स्कूलों का निर्माण, नालियों और सड़कों का काम, पुलिया और खेतों तक जाने वाली सड़कों का निर्माण जैसे कार्य किए जाएंगे, ताकि रोजगार सृजन और ग्रामीण विकास साथ-साथ आगे बढ़ें।
पंचायतों की जरूरत के हिसाब से फंड
मंत्री के मुताबिक, नए कानून में पंचायतों को उनके विकास और रोजगार की जरूरतों के आधार पर वर्गीकृत किया गया है और उसी के अनुसार धन आवंटन किया जाएगा। इसमें बुआई, कटाई और अन्य कृषि कार्यों में लगे मजदूरों को भी ध्यान में रखा गया है।
उन्होंने कहा कि किसानों और मजदूरों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश इस कानून की बड़ी खासियत है।
‘लैब टू लैंड’ पर सरकार का फोकस
मंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बेहतर नतीजों की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने वैज्ञानिकों और किसानों के बीच सीधा संवाद बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया।
सरकार ने तय किया है कि वैज्ञानिक साल में कम से कम एक बार खेतों का दौरा करेंगे और किसानों से सीधे संवाद करेंगे, ताकि शोध का लाभ जमीन तक पहुंचे और अनुसंधान किसानों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप हो।
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