उत्तर प्रदेश सरकार की नई ट्रैक्टर सब्सिडी योजना: 15 जनवरी तक करें ऑनलाइन आवेदन, SC किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा
उत्तर प्रदेश सरकार ने अनुसूचित जाति किसानों के लिए ट्रैक्टर सब्सिडी योजना शुरू की है। आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन होंगे, अंतिम तिथि 15 जनवरी 2026 तय की गई है। योजना से किसानों को आधुनिक खेती के साधन सुलभ होंगे।
- यूपी सरकार ने 2026 से पहले SC किसानों के लिए ट्रैक्टर सब्सिडी योजना लागू की।
- आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन, कोई ऑफलाइन फॉर्म स्वीकार नहीं।
- अंतिम तिथि 15 जनवरी 2026 तय, DBT पोर्टल पर आवेदन मान्य होंगे।
- पात्रता जांच जिला स्तरीय समिति करेगी, पटवारी रिपोर्ट जरूरी दस्तावेज़।
उत्तर प्रदेश में खेती-किसानी को आधुनिक (modern) बनाने और छोटे किसानों को सशक्त (empowered) करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अनुसूचित जाति वर्ग (Scheduled Caste Category) के किसानों के लिए “ट्रैक्टर सब्सिडी योजना” शुरू की गई है, जिसके तहत पात्र किसानों को ट्रैक्टर खरीदने के लिए आर्थिक सहायता (financial assistance) दी जाएगी।
यह योजना नए साल 2026 से पहले लागू की जा रही है ताकि ग्रामीण इलाकों में खेती के तौर-तरीके बेहतर हों और किसान आधुनिक उपकरणों तक पहुंच बना सकें।
पूरी तरह ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
सरकार ने इस बार आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल (digital) बना दिया है। किसान अब अपने घर बैठे आवेदन कर सकते हैं। इसका उद्देश्य पारदर्शिता (transparency) लाना और किसी स्तर पर अनियमितता या भ्रष्टाचार को खत्म करना है।
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कृषि विभाग ने बताया कि आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और किसान अपने दस्तावेज़ स्कैन कर सीधे DBT पोर्टल — agriculture.up.gov.in — पर अपलोड कर सकते हैं।
कब तक करें आवेदन?
ट्रैक्टर सब्सिडी योजना के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 15 जनवरी 2026 तय की गई है। इसके बाद कोई नया आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसलिए किसानों को सलाह दी गई है कि वे समय रहते अपने जरूरी कागज़ जैसे भूमि पत्र (land records), जाति प्रमाणपत्र (caste certificate) और पहचान पत्र समेत सारे दस्तावेज़ तैयार रखें।
आवेदन कहाँ और कैसे होगा
इस योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा जो कृषि विभाग के DBT पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करेंगे। कोई भी ऑफलाइन या हाथ से लिखा आवेदन मान्य नहीं होगा। किसान को अपनी व्यक्तिगत जानकारी, खेत से जुड़ी जानकारी और आवश्यक प्रमाणपत्र अपलोड करने होंगे।
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सारी जानकारी की पुष्टि (verification) आधार और मोबाइल नंबर के जरिए की जाएगी, जिससे प्रक्रिया तेज़ और विश्वसनीय बनेगी।
चयन प्रक्रिया कैसी होगी
किसानों का चयन जिला स्तर की कार्यकारी समिति करेगी, जिसकी अध्यक्षता संबंधित ज़िले के जिलाधिकारी (District Magistrate) के पास होगी। समिति किसान की पात्रता, भूमि स्वामित्व, जाति प्रमाणपत्र और खेती की वास्तविक स्थिति की जांच करेगी।
केवल वही किसान चयनित होंगे जो सभी शर्तों को पूरा करते हैं। योजना का मकसद सही पात्र किसान तक लाभ पहुंचाना है, न कि केवल पंजीकरण पूरा करने वालों तक।
पटवारी रिपोर्ट है जरूरी दस्तावेज़
इस योजना में ‘पटवारी रिपोर्ट’ (Patwari Report) सबसे अहम कागज मानी गई है। कृषि विभाग ने इसके लिए एक निर्धारित प्रपत्र (prescribed proforma) बनाया है, जिसमें किसान की भूमि, जाति और खेती से जुड़ी सारी जानकारी होगी। अगर यह रिपोर्ट अपलोड नहीं की गई तो आवेदन अधूरा माने जाने की संभावना है।
कृषि विभाग ने साफ कहा है कि आवेदन तभी मान्य होगा, जब सभी दस्तावेज़ सही और पूर्ण अपलोड किए जाएँ।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
विभाग ने किसानों से अपील की है कि आवेदन करते समय वही मोबाइल नंबर इस्तेमाल करें जो उनके आधार कार्ड से जुड़ा हो। इससे ओटीपी (OTP) सत्यापन में आसानी होगी और आवेदन की स्थिति की जानकारी सीधे मोबाइल पर मिलती रहेगी।
अगर किसी किसान को तकनीकी दिक्कत या दस्तावेज़ अपलोड से जुड़ी समस्या हो, तो वह अपने नज़दीकी ब्लॉक विकास कार्यालय (Block Development Office) से सहायता ले सकता है।
किसानों की नई उम्मीद
कई किसानों का मानना है कि यह योजना उनके लिए खेती में क्रांतिकारी बदलाव (transformative change) लाएगी। पहले जहां ट्रैक्टर खरीदना मुश्किल था, अब सरकार की सहायता से छोटे किसान भी आधुनिक खेती की ओर कदम बढ़ा सकेंगे। इससे न सिर्फ उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
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