EPFO UPI Withdrawal: अब भीम ऐप से तुरंत निकलेगा पीएफ का पैसा, ईपीएफओ शुरू कर रहा है खास सुविधा
ईपीएफओ (EPFO) अब पीएफ निकासी को और भी आसान बनाने जा रहा है। अब भीम यूपीआई (BHIM UPI) के जरिए आप एटीएम की तरह तुरंत पीएफ एडवांस निकाल सकेंगे। जानिए क्या है पूरी योजना और कब से शुरू होगी यह सुविधा।
- करोड़ों नौकरीपेशा लोगों के लिए राहत की बड़ी खबर
- अब एटीएम की तरह फटाफट निकलेगा आपके पीएफ का पैसा
- ईपीएफओ और भीम यूपीआई के बीच हुआ ऐतिहासिक करार
- इमरजेंसी में अब नहीं करना होगा हफ्तों का इंतज़ार
EPFO UPI Withdrawal: देश के करोड़ों मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए पीएफ का पैसा सिर्फ एक बचत नहीं, बल्कि वह सहारा होता है जो वक्त-बेवक्त काम आता है। लेकिन अक्सर देखा गया है कि जब घर में कोई मेडिकल इमरजेंसी हो या बच्चों की पढ़ाई की फीस भरनी हो, तो पीएफ निकालने की प्रक्रिया पसीने छुड़ा देती है। सरकारी दफ्तरों के चक्कर और पोर्टल पर अंडर प्रोसेस का स्टेटस देखते-देखते दिन बीत जाते हैं। लेकिन अब खबर आ रही है कि आपकी इस सबसे बड़ी चिंता का समाधान होने जा रहा है।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ एक ऐसा क्रांतिकारी कदम उठाने जा रहा है, जिससे पीएफ निकालना उतना ही आसान हो जाएगा जितना बैंक के एटीएम से पैसे निकालना। जी हां ईपीएफओ अब सीधे यूपीआई के जरिए इंस्टेंट विड्रॉल की सुविधा शुरू करने की तैयारी में है।
भीम ऐप और ईपीएफओ का नया गठबंधन
इस पूरी योजना को जमीन पर उतारने के लिए ईपीएफओ ने नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के साथ हाथ मिलाया है। इस नई व्यवस्था के तहत अब आपको भारी-भरकम कागजी कार्रवाई या लंबे इंतज़ार की ज़रूरत नहीं होगी। आप सीधे अपने मोबाइल में मौजूद भीम (BHIM) यूपीआई ऐप के जरिए पीएफ एडवांस के लिए क्लेम कर सकेंगे।
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जैसे ही आप ऐप पर क्लेम डालेंगे, ईपीएफओ का बैकएंड सिस्टम उसे तुरंत वेरीफाई करेगा। अगर आपकी जानकारी सही पाई जाती है, तो पैसा सीधे आपके उस बैंक खाते में पहुंच जाएगा जो आपकी यूपीआई आईडी से जुड़ा है। इस पूरी प्रक्रिया में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) मुख्य भूमिका निभाएगा जो पेमेंट सेटलमेंट का काम देखेगा।
इमरजेंसी में संजीवनी बनेगा यह सिस्टम
सोचिए, अगर अस्पताल में पैसे जमा करने की तत्काल ज़रूरत हो और आपके पीएफ का पैसा उसी वक्त आपके हाथ में आ जाए, तो इससे बड़ी राहत क्या होगी? फिलहाल स्थिति यह है कि ईपीएफओ के ऑटो मोड में भी अगर आप पांच लाख तक का क्लेम करते हैं तो उसे खाते में आने में कम से कम तीन कार्य दिवस लग जाते हैं। कई बार यह समय हफ्तों तक खिंच जाता है। लेकिन नई तकनीक आने के बाद यह दूरी खत्म हो जाएगी। अगले दो से तीन महीनों में करीब 30 करोड़ सदस्यों को यह तोहफा मिलने की उम्मीद है।
क्या होगी इसकी सीमा?
हालांकि, शुरुआत में कुछ सावधानियां भी बरती जा रही हैं। जानकारों का कहना है कि आप एक बार में पूरा पीएफ नहीं निकाल पाएंगे। आरबीआई ने यूपीआई ट्रांजैक्शन के लिए जो नियम और सीमाएं तय की हैं, उन्हीं के आधार पर पीएफ निकालने की भी एक लिमिट तय की जा सकती है। ईपीएफओ अधिकारियों का मानना है कि इंस्टेंट पेमेंट में रिस्क भी होता है इसलिए शुरुआत में इसे छोटे और जरूरी एडवांस के लिए खोला जाएगा और धीरे-धीरे सिस्टम को और मजबूत बनाया जाएगा।
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बदल रहा है ईपीएफओ का चेहरा
लगभग 26 लाख करोड़ रुपये के फंड का प्रबंधन करने वाला ईपीएफओ अब पूरी तरह डिजिटल होने की राह पर है। यह बदलाव सिर्फ तकनीक का नहीं बल्कि मानसिकता का भी है। अब विभाग चाहता है कि वह एक सरकारी संस्था के बजाय एक सर्विस प्रोवाइडर की तरह काम करे जहाँ कर्मचारी को अपने ही पैसे के लिए तरसना न पड़े। यूपीआई आधारित यह कदम इसी दिशा में एक मील का पत्थर साबित होने वाला है।
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