चांदी की कीमत में अचानक 13,500 रुपये का उछाल: आगे क्या होगी चाल, जानिए
अमेरिका-वेनेजुएला विवाद के चलते चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी। MCX पर 2,49,900 तक पहुंची, एक दिन में 13,500 रुपये उछाल। सप्लाई डर और सेफ हेवन डिमांड मुख्य वजह। आम लोगों के लिए गहने महंगे, निवेशकों के लिए जोखिम भरा ट्रेंड।
- चांदी ने मचाई बाजार में धूम
- एक दिन में 13,500 रुपये प्रति किलो का जंप
- अमेरिका-वेनेजुएला तनाव मुख्य वजह
- शादी सीजन में गहने-सिक्के हुए महंगे
नई दिल्ली। नए साल के शुरुआती दिनों में ही कमोडिटी मार्केट में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। खासकर चांदी की कीमतें अचानक आसमान छूने लगी हैं। सोमवार को घरेलू बाजार में चांदी के भाव एक झटके में हजारों रुपये प्रति किलो चढ़ गए।
ओर यह सारी उथल पुथल शुरू हुई अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ते विवाद से। अमेरिकी कार्रवाई के बाद वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता फैल गई और निवेशक सुरक्षित विकल्पों की तलाश में कीमती धातुओं की ओर भागे। नतीजा यह कि चांदी ने सबसे ज्यादा फायदा उठाया ओर एक झटके में 13,000 की उछाल मार दी।
क्या हुआ चांदी बाजार में
अंतरराष्ट्रीय मार्केट में COMEX पर चांदी की कीमतें 6 फीसदी से ज्यादा उछलकर 75 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गईं।
भारत में MCX पर तो और जोरदार तेजी दिखी। चांदी गैप अप खुली और देखते-देखते 2,49,900 रुपये प्रति किलो तक जा पहुंची। पिछले कारोबारी दिन की तुलना में एक ही सेशन में करीब 13,500 रुपये का जंप। यह आंकड़ा देखकर कई निवेशक हैरान रह गए।
वजह क्या है इस तेजी की
मामला सिर्फ सुरक्षित निवेश तक सीमित नहीं है। बाजार को असल डर सप्लाई चेन बाधित होने का है।
पेरू जैसे बड़े चांदी उत्पादक देशों के निर्यात रूट पर असर पड़ने की आशंका है, क्योंकि समुद्री मार्गों में रुकावटें आ सकती हैं। ग्लोबल सप्लाई पहले से ही तंग है, डिमांड मजबूत बनी हुई है – खासकर इंडस्ट्री से, जहां सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक्स में चांदी का इस्तेमाल बढ़ रहा है।
जब सप्लाई में दिक्कत आएगी, तो कीमतें और ऊपर जाना स्वाभाविक है। कई जानकार मानते हैं कि यह डर ही चांदी को इतनी तेजी दे रहा है।
आम लोगों पर क्या असर
शादी-ब्याह का सीजन चल रहा है, लोग गहने या सिक्के खरीदने की योजना बना रहे हैं।
अब चांदी महंगी हो गई तो जेब पर बोझ बढ़ेगा। जो पहले सोच रहे थे कि चांदी सोने से सस्ता विकल्प है, उन्हें अब ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं।
फिजिकल मार्केट में भी दाम ऊंचे हो गए हैं, और आगे सस्ता होने की उम्मीद कम ही लग रही है।
आगे क्या हो सकता है
एक्सपर्ट्स की राय थोड़ी मिली-जुली है। कुछ का कहना है कि ट्रेंड अभी बुलिश है, चांदी 78 डॉलर तक जा सकती है।
लेकिन ऊंचाई पर पहुंचते ही मुनाफावसूली शुरू हो सकती है, जिससे अचानक गिरावट भी आ जाए। टेक्निकल चार्ट पर 2,40,000 से ऊपर टिकना मजबूत संकेत है लेकिन सपोर्ट लेवल टूटा तो तेज गिरावट संभव।
कुल मिलाकर अभी अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। निवेश करने वाले होशियारी से कदम उठाएं क्योंकि जोखिम दोनों तरफ है।
यह तेजी जियो-पॉलिटिकल वजहों से आई है जो कब तक चलेगी कहा नहीं जा सकता। आम आदमी के लिए यह महंगाई की एक और मार है जबकि निवेशकों के लिए मौका और चुनौती दोनों।
(नोट: निवेश संबंधी कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से जरूर राय लें। बाजार में जोखिम रहता है।)
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