UP Budget 2026: योगी सरकार का 9 लाख करोड़ का दांव, क्या आपकी जेब और भविष्य के लिए है इसमें कुछ खास?
उत्तर प्रदेश सरकार ने 2026-27 के लिए ₹9.12 लाख करोड़ का ऐतिहासिक बजट पेश किया है। 12.9% की बढ़ोतरी के साथ इस बजट में युवाओं, स्वास्थ्य और सुरक्षा पर बड़ा फोकस है। जानिए क्या सस्ता हुआ और क्या हैं नई योजनाएं।
लखनऊ | न्यूज़ डेस्क : उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को ‘ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी’ बनाने की दिशा में योगी सरकार ने बुधवार को अपना अब तक का सबसे बड़ा और महत्वाकांक्षी बजट पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में 9,12,696.35 करोड़ रुपये का लेखा-जोखा पेश करते हुए स्पष्ट कर दिया कि आने वाला साल यूपी के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल क्रांति का होने वाला है। पिछले साल के मुकाबले बजट में करीब 12.9 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी की गई है, जो राज्य की बढ़ती वित्तीय ताकत का संकेत है।
आम आदमी के लिए क्या है खास?
इस बजट की सबसे बड़ी विशेषता 43,565.33 करोड़ रुपये की बिल्कुल नई योजनाएं हैं। सरकार ने इस बार केवल पुरानी योजनाओं को ही आगे नहीं बढ़ाया, बल्कि नए भारत के नए यूपी की जरूरतों को समझते हुए ‘टेक युवा’ और ‘सरदार पटेल औद्योगिक क्षेत्र’ जैसी योजनाओं पर दांव लगाया है।
1. सेहत का ‘यूपी मॉडल’: हर जिले में डॉक्टर, हर घर में इलाज
स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 37,956 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य ‘एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज’ के सपने को पूरा करना है।
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मेडिकल कॉलेज: प्रदेश में अब मेडिकल कॉलेजों की संख्या 81 तक पहुंच गई है। 16 पिछड़े जिलों में पीपीपी मॉडल पर नए अस्पताल खुलेंगे।
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इलाज की गारंटी: लखनऊ के कैंसर संस्थान के लिए 315 करोड़ और असाध्य रोगों के मुफ्त इलाज के लिए 130 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
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सीटों का इजाफा: 2017 में जहां एमबीबीएस की मात्र 4,540 सीटें थीं, अब वे बढ़कर 12,800 हो गई हैं।
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2. सुरक्षा पर ‘जीरो टॉलरेंस’: पुलिस के लिए आधुनिक घर और दफ्तर
अपराध के ग्राफ को नीचे लाने का दावा करते हुए वित्त मंत्री ने पुलिस इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए तिजोरी खोल दी है।
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आधुनिक थाने: गैर-आवासीय पुलिस भवनों के लिए 1,374 करोड़ और पुलिसकर्मियों के आवास के लिए 1,243 करोड़ खर्च होंगे।
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महिला सुरक्षा: ‘मिशन शक्ति’ के तहत महिला बीट अधिकारियों को वाहन देने के लिए 25 करोड़ रुपये अलग से रखे गए हैं।
3. डिजिटल यूपी और युवा शक्ति
बजट में तकनीक को प्राथमिकता दी गई है। राज्य अब देश के 65% मोबाइल उत्पादन का केंद्र बन चुका है। इसे और विस्तार देने के लिए:
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AI मिशन: उत्तर प्रदेश अपना खुद का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन शुरू करेगा।
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डेटा सेंटर: 8 नए डेटा सेंटर पार्क बनाए जाएंगे।
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टेक युवा समर्थ योजना: युवाओं को नई उभरती तकनीकों में प्रशिक्षित करने के लिए यह नई योजना मील का पत्थर साबित हो सकती है।
4. खेती और उद्योग: समृद्धि का नया रास्ता
किसानों की आय बढ़ाने के लिए यूपी अब ग्लोबल मार्केट से जुड़ेगा। इसके लिए विशेष ‘कृषि निर्यात हब’ बनाए जाएंगे। वहीं, उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए ‘सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र’ योजना के तहत 575 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
वित्त मंत्री का नजरिया: सुरेश खन्ना ने कहा, “हमने कर्ज और जीडीपी के अनुपात को 33.4% से घटाकर 27% से नीचे ला दिया है। यह हमारी वित्तीय अनुशासन का प्रमाण है। यूपी अब निवेश के लिए दुनिया की पहली पसंद बन रहा है।”
आंकड़ों की जुबानी, यूपी की कहानी
| क्षेत्र | आवंटन/लक्ष्य |
| कुल बजट | ₹9,12,696.35 करोड़ |
| पूंजीगत व्यय | कुल बजट का 19.5% |
| शिक्षा | कुल बजट का 12.4% |
| बेरोजगारी दर | घटकर 2.24% पर आई |
| प्रति व्यक्ति आय | ₹1.20 लाख (2025-26 अनुमानित) |
यह बजट सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि 2027 के चुनावी मोड में जाने से पहले योगी सरकार का एक मजबूत ‘परफॉर्मेंस कार्ड’ भी है। बुनियादी ढांचे पर 19.5% खर्च करने का फैसला यह बताता है कि सरकार लंबी अवधि के विकास पर फोकस कर रही है।
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