चंडीगढ़/भिवानी: हरियाणा में इस बार बोर्ड परीक्षाओं की तस्वीर बदली-बदली नजर आएगी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) ने ग्रामीण आंचल की बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा को लेकर एक ऐसा क्रांतिकारी कदम उठाया है, जो न केवल छात्राओं का सफर आसान करेगा, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाएगा। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि अब 10वीं और 12वीं की छात्राओं को परीक्षा देने के लिए अनजान शहरों या दूर-दराज के गांवों की खाक नहीं छाननी पड़ेगी।
‘बेटी की सुरक्षा, गांव में ही परीक्षा’ का नया फॉर्मूला शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. पवन शर्मा के मुताबिक, बोर्ड ने परीक्षा केंद्रों के निर्धारण के लिए एक ‘मैजिक नंबर’ तय किया है। जिन गांवों में बोर्ड परीक्षा देने वाली छात्राओं की संख्या 100 या उससे अधिक है, वहां गांव के ही स्कूल को परीक्षा केंद्र (Exam Center) में तब्दील कर दिया जाएगा।
इस फैसले के पीछे का असली मकसद छात्राओं को उस मानसिक तनाव से बचाना है, जो लंबी दूरी की यात्रा और सुरक्षा की चिंता के कारण पैदा होता है। बोर्ड ने सभी स्कूलों से ऐसे गांवों का डेटा तलब कर लिया है जहां छात्राओं की संख्या इस मानक को पूरा करती है।
जहां संख्या कम, वहां क्या होगा? सिर्फ बड़े गांवों के लिए ही नहीं, बल्कि उन गांवों के लिए भी राहत की खबर है जहां छात्राओं की संख्या 100 से कम है। बोर्ड की नई पॉलिसी के अनुसार, ऐसी छात्राओं को किसी दूर के शहर भेजने के बजाय उनके निकटतम गांव (Nearest Village) में ही सेंटर अलॉट किया जाएगा। यानी, कोशिश यही है कि किसी भी हाल में बेटियों को ‘लॉन्ग रूट’ न लेना पड़े।
25 फरवरी से सजेगा परीक्षाओं का मंच हरियाणा बोर्ड की साल 2026 की वार्षिक परीक्षाओं का काउंटडाउन भी शुरू हो चुका है। इस बार प्रदेशभर से लगभग 5.21 लाख परीक्षार्थी अपनी किस्मत आजमाने उतरेंगे।
- 12वीं की परीक्षाएं: 25 फरवरी से शुरू होकर 1 अप्रैल 2026 तक चलेंगी।
- 10वीं की परीक्षाएं: 26 फरवरी से शुरू होंगी और 20 मार्च 2026 को संपन्न होंगी।
क्यों खास है यह फैसला? (Expert View) शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बोर्ड का यह कदम ‘ड्राप आउट’ रेट कम करने में मददगार साबित हो सकता है। अक्सर सुरक्षा कारणों से ग्रामीण क्षेत्रों में अभिभावक बेटियों को दूर परीक्षा केंद्र होने पर भेजने में हिचकिचाते थे। अब ‘होम-पिच’ पर परीक्षा देने से छात्राओं का प्रदर्शन भी बेहतर होने की उम्मीद है। बोर्ड प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि इन ग्रामीण केंद्रों पर सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए सीसीटीवी और कड़े फ्लाइंग स्क्वाड का इंतजाम रहेगा।
