आरती सिंह राव का पलटवार: राव इंद्रजीत पर हमला करने वालों को दिया करारा जवाब, याद दिलाया पुराना इतिहास
हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने राव इंद्रजीत सिंह पर लगे आरोपों का करारा जवाब दिया है। जानें उन्होंने कैबिनेट मंत्री राव नरबीर को लेकर क्या बड़ा खुलासा किया।
- विरोधियों पर सीधा वार
- पुराना इंटरव्यू बना मुद्दा
- योजनाओं पर सफाई
- मज़बूत गुटबाजी का संकेत
Haryana News: हरियाणा की राजनीति में इन दिनों बयानों के तीर अपनों पर ही चल रहे हैं। जब कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह और पूर्व मंत्री अभय सिंह यादव ने केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की घेराबंदी शुरू की, तो जवाब देने की जिम्मेदारी खुद सूबे की स्वास्थ्य मंत्री और राव साहब की बेटी आरती सिंह राव ने संभाली। रेवाड़ी के जिला भाजपा कार्यालय में जो माहौल था, वो सिर्फ एक प्रेस वार्ता भर नहीं थी, बल्कि अपनी राजनीतिक विरासत और वजूद को बचाने की एक मज़बूत हुंकार थी।
आरती सिंह राव ने बड़े सधे हुए अंदाज़ में विरोधियों को आईना दिखाया। उन्होंने साफ़ शब्दों में कहा कि राव इंद्रजीत सिंह हरियाणा की राजनीति का वो बरगद हैं, जिसकी छांव की ज़रूरत उन लोगों को ज़्यादा है जो आज उन पर उंगलियां उठा रहे हैं। उन्होंने बिना नाम लिए इशारा किया कि राव साहब का राजनीतिक कद इतना बड़ा है कि उसे किसी के ठप्पे या गवाही की मोहताज नहीं होना पड़ता।
जब अपनों के ही पुराने बयान बने हथियार
सियासत में याददाश्त बहुत कमज़ोर होती है, लेकिन आरती सिंह राव ने राव नरबीर सिंह को उनका ही एक पुराना इंटरव्यू याद दिलाकर माहौल गर्मा दिया। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि खुद नरबीर सिंह ने एक वक्त स्वीकार किया था कि अगर राव इंद्रजीत सिंह का साथ न होता, तो शायद उनके लिए लोकसभा की दहलीज लांघना भी मुमकिन नहीं हो पाता। स्वास्थ्य मंत्री ने तंज कसा कि जो लोग आज सवाल उठा रहे हैं, दरअसल उनके वजूद को टिकाए रखने के लिए राव साहब के नाम का सहारा चाहिए।
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आरती सिंह राव के तेवर उस समय और सख्त हो गए जब उन्होंने संत कबीर के दोहे का सहारा लेकर विरोधियों को नसीहत दी। उन्होंने कहा कि झूठ के बादल चाहे कितने भी घने क्यों न हों, सच का सूरज उसे चीरकर बाहर आता ही है। उनके मुताबिक, जो भ्रम फैलाया जा रहा है, वह वक्त की रेत पर लिखी इबारत जैसा है जो जल्द ही मिट जाएगा।
पुरानी व्यवस्था पर प्रहार और नई योजनाओं का संकल्प
बात सिर्फ आरोपों तक नहीं थमी। स्वास्थ्य मंत्री ने VB G RAM G योजना को लेकर हो रही राजनीति पर भी अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने माना कि योजनाओं के नाम बदलते रहे हैं, लेकिन नीयत हमेशा श्रमिकों के उत्थान की रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूपीए के दौर में जनकल्याणकारी योजनाओं में जो बंदरबांट और फर्जीवाड़ा होता था, उसे भाजपा सरकार ने जड़ से खत्म किया है। उनका दावा है कि नई योजनाएं विकसित भारत के उस संकल्प को पूरा करने की दिशा में हैं, जहां मजदूर का हक कोई छीन नहीं पाएगा।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रेवाड़ी की भाजपा इकाई में एकजुटता दिखाने की पूरी कोशिश की गई। मंच पर जिला अध्यक्ष वंदना पोपली से लेकर विधायक लक्ष्मण सिंह यादव, अनिल यादव और डॉ. कृष्ण कुमार की मौजूदगी ने यह संदेश देने की कोशिश की कि पार्टी के भीतर राव इंद्रजीत सिंह का किला आज भी उतना ही अभेद्य है जितना पहले था। अब देखना यह होगा कि आरती सिंह राव के इस पलटवार के बाद विरोधी खेमा अपनी रणनीति में क्या बदलाव करता है।
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