हरियाणा में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: अजय सिंघल बने नए DGP, गैरविवादित छवि ने दिलाई कमान
हरियाणा सरकार ने 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी अजय सिंघल को राज्य का नया पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त किया है। गैरविवादित छवि और सशक्त प्रशासनिक पकड़ ने उन्हें यह अहम जिम्मेदारी दिलाई है।
- अजय सिंघल बने हरियाणा के नए डीजीपी, 1992 बैच के आईपीएस अफसर।
- तीन नामों में से सिंघल पर लगी मुहर, गैरविवादित छवि रही प्रमुख कारण।
- मुख्यमंत्री नायब सैनी सरकार ने भेजी थी फाइनल लिस्ट UPSC को।
- सिंघल 2028 तक संभालेंगे जिम्मेदारी, प्रशासनिक स्थिरता की उम्मीद बढ़ी।
चंडीगढ़ 1 जनवरी 2026 (NFLSpice News): हरियाणा सरकार ने राज्य के नए पुलिस महानिदेशक (Director General of Police – DGP) के रूप में आईपीएस अधिकारी अजय सिंघल को नियुक्त किया है। बुधवार देर शाम जारी आदेश में सरकार ने पुष्टि की कि सिंघल अब अगले दो वर्षों तक इस अहम पद की कमान संभालेंगे। मौजूदा डीजीपी ओपी सिंह का कार्यकाल पूरा होने के बाद यह निर्णय लिया गया।
इस नियुक्ति ने न केवल राज्य के पुलिस तंत्र में नया अध्याय खोला है, बल्कि सत्ता के गलियारों में भी चर्चा का माहौल बना दिया है।
तीन नाम भेजे गए थे UPSC को
मुख्यमंत्री नायब सैनी की अगुवाई वाली राज्य सरकार ने डीजीपी पद के लिए तीन नाम केंद्रीय लोक सेवा आयोग (UPSC) को भेजे थे — शत्रुजीत कपूर (1990 बैच), अजय सिंघल (1992 बैच) और आलोक मित्तल (1993 बैच)। इनमें से अंततः मुहर अजय सिंघल के नाम पर लगी। बताया जा रहा है कि सिंघल की ईमानदार और संतुलित छवि ने ही उन्हें इस पद का सबसे मजबूत दावेदार बनाया।
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सुसाइड केस के बाद बढ़ी संवेदनशीलता
आईपीएस पूरन कुमार के सुसाइड केस के बाद जब तत्कालीन डीजीपी शत्रुजीत कपूर को पद से हटाना पड़ा था, तब से हरियाणा पुलिस में नेतृत्व को लेकर असमंजस बना हुआ था। ओपी सिंह को एक्टिंग डीजीपी बनाया गया था, लेकिन सरकार लंबे समय से स्थायी नियुक्ति की तलाश में थी। ऐसे में सिंघल का चयन एक सोचा-समझा और स्थिरता देने वाला फैसला माना जा रहा है।
कौन हैं अजय सिंघल?
रेवाड़ी के मूल निवासी अजय सिंघल इंजीनियरिंग की पढ़ाई (B.Tech) कर पुलिस सेवा में आए। उनका जन्म 1 जुलाई 1966 को हुआ था और वे 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। हाल ही में वे हरियाणा विजिलेंस और एंटी-करप्शन ब्यूरो के डीजीपी पद पर तैनात थे। अब वे 30 अक्टूबर 2028 तक राज्य के डीजीपी रहेंगे।
उनकी छवि एक ‘लो प्रोफाइल बट रिजल्ट-ओरिएंटेड (low-profile but result-oriented)’ अधिकारी के रूप में देखी जाती है। वे उन अधिकारियों में गिने जाते हैं जो विवादों से दूर रहकर बेहतर प्रशासन देने में विश्वास रखते हैं।
गैरविवादित छवि बनी चयन की कुंजी
पूर्व डीजीपी शत्रुजीत कपूर और आलोक मित्तल दोनों ही अनुभवी अधिकारी थे, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उनके नाम विवादों से जुड़े रहे। वहीं अजय सिंघल हमेशा अपने संयमित व्यवहार और सटीक निर्णयों के लिए जाने गए हैं। यही वजह रही कि सरकार और UPSC दोनों ने उन पर भरोसा जताया।
नए पुलिस प्रमुख से उम्मीदें बड़ी
हरियाणा सरकार चाहती है कि पुलिस प्रशासन में न केवल अनुशासन बल्कि जनता का विश्वास भी मजबूत हो। सिंघल की नियुक्ति इसी दिशा में एक संकेत मानी जा रही है। उनकी ईमानदार छवि से प्रशासन को उम्मीद है कि वे पुलिस व्यवस्था में व्यावसायिकता (professionalism) और मानवता (humanity) दोनों का संतुलन कायम रखेंगे।
राज्य के राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि यह फैसला मुख्यमंत्री नायब सैनी की उस नीति को दर्शाता है जिसके तहत वे अधिकारियों की नियुक्तियों में ‘क्लीन इमेज (clean image)’ को तरजीह दे रहे हैं।
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