ओल्ड पेंशन स्कीम के लिए कर्मचारी संगठनों की दिल्ली में बड़ी बैठक, आंदोलन की रणनीति बनेगी
देशभर के कर्मचारी संगठन एक बार फिर ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) को लागू करवाने की मांग को लेकर एकजुट होने जा रहे हैं। इसके लिए दिल्ली में 16 और 17 अगस्त को विभिन्न कर्मचारी संगठनों की दो दिवसीय बैठक होने वाली है। इस बैठक में न केवल ओपीएस को लागू करने की मांग को तेज करने की रणनीति बनाई जाएगी, बल्कि 9 जुलाई को हुई हड़ताल की समीक्षा भी होगी।
हरियाणा सहित देशभर के कर्मचारी संगठन इस बैठक में हिस्सा लेंगे और आगामी आंदोलन की दिशा तय करेंगे। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने कहा, “हम ओपीएस को लागू करवाने के लिए पूरे देश में एकजुटता के साथ आंदोलन को और तेज करेंगे। कर्मचारियों के हित में केवल ओपीएस ही सबसे कारगर योजना है।”
18 महीने के बकाया डीए का मुद्दा भी उठेगा
बैठक में ओपीएस के अलावा अन्य अहम मुद्दों पर भी चर्चा होगी। सुभाष लांबा ने बताया कि 2020 में कोरोना काल के दौरान केंद्रीय और राज्य कर्मचारियों के साथ-साथ पेंशन धारकों को 18 महीने का महंगाई भत्ता (डीए) नहीं मिला था। इस बकाया डीए को दिलवाने की मांग को भी जोर-शोर से उठाया जाएगा।
8वां वेतनमान और कच्चे कर्मचारियों का मुद्दा
इसके साथ ही, कर्मचारी संगठन 8वें वेतनमान को लागू करने के लिए सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति तैयार करेंगे। कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस), और राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) जैसे मुद्दों पर भी गहन विचार-विमर्श होगा। संगठन का कहना है कि अगर केंद्र और राज्य सरकारें ओपीएस को बहाल करने का फैसला नहीं लेतीं, तो आंदोलन को और तेज करने की रणनीति बनाई जाएगी।
कर्मचारियों की एकजुटता पर जोर
सुभाष लांबा ने जोर देकर कहा कि कर्मचारियों की एकता ही उनकी ताकत है। उन्होंने कहा, “हम सभी कर्मचारी संगठनों को एक मंच पर लाकर सरकार को यह दिखाना चाहते हैं कि हम अपने हक के लिए पीछे नहीं हटेंगे।”
यह बैठक कर्मचारियों के हितों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर ठोस रणनीति बनाने का एक बड़ा मंच साबित हो सकती है। आने वाले दिनों में इसके परिणामों पर सभी की नजर रहेगी।
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