फरीदाबाद: पूर्व मंत्री महेंद्र प्रताप सिंह के घर ED की रेड, पीयूष ग्रुप से जुड़े तारों की हो रही जांच
फरीदाबाद में कांग्रेस नेता महेंद्र प्रताप सिंह और विजय प्रताप के घर ईडी की छापेमारी। पीयूष ग्रुप से जुड़ी साझेदारी को लेकर सुबह 8 बजे से जांच जारी। करण सिंह दलाल ने बीजेपी पर साधा निशाना।

- फरीदाबाद में कांग्रेस के दिग्गज नेता चौधरी महेंद्र प्रताप के ठिकानों पर ईडी का छापा
- पीयूष ग्रुप के साथ पुराने कारोबारी रिश्तों को लेकर जांच की आंच पहुंची पूर्व मंत्री के घर
- करण सिंह दलाल का भाजपा पर तीखा हमला, कार्रवाई को बताया सियासी दबाव की राजनीति
फरीदाबाद की पॉश सैनिक कॉलोनी में आज सुबह की शुरुआत आम दिनों जैसी नहीं थी। जब शहर के लोग अपनी चाय की चुस्कियां ले रहे थे, ठीक उसी वक्त सुबह आठ बजे प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की गाड़ियों का काफिला कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री चौधरी महेंद्र प्रताप सिंह के निवास पर पहुंच गया। इस अचानक हुई हलचल ने न सिर्फ इलाके में बल्कि हरियाणा के सियासी गलियारों में भी खलबली मचा दी है।
चौधरी महेंद्र प्रताप और उनके बेटे विजय प्रताप के घर के साथ-साथ उनके दफ्तरों पर भी केंद्रीय एजेंसी की टीमें मौजूद हैं। आलम यह है कि घर के बाहर सन्नाटा है, लेकिन अंदर कागजों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। सूत्रों की मानें तो यह पूरी कार्रवाई पीयूष ग्रुप के साथ हुई पुरानी साझेदारी और उससे जुड़े लेनदेन के इर्द-गिर्द घूम रही है।
इस छापेमारी की खबर जैसे ही फैली, कांग्रेस खेमे में उबाल आ गया। पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता करण सिंह दलाल ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देने में देर नहीं की। उन्होंने दो-टूक शब्दों में इसे भारतीय जनता पार्टी की ‘कायरना हरकत’ करार दिया। दलाल का कहना है कि बीजेपी अपनी जमीन खिसकती देख अब ईडी और सीबीआई जैसे संस्थानों का सहारा लेकर विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। उनके मुताबिक, यह पूरी तरह से दबाव बनाने वाली राजनीति है, जिससे कांग्रेसी कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं।
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मामले की तह में जाएं तो इस पूरी जांच की जड़ें पीयूष ग्रुप से जुड़ी बताई जा रही हैं। गौरतलब है कि पीयूष ग्रुप के चेयरमैन काफी समय से विवादों में थे और उन पर धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगे थे। यह मामला तब और चर्चा में आया था जब चेयरमैन की पेशी के दौरान दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी। अब उसी समूह के साथ महेंद्र प्रताप सिंह के परिवार की साझेदारी ईडी के रडार पर है।
एजेंसी यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस साझेदारी के पीछे के वित्तीय स्रोत क्या थे और क्या इसमें किसी तरह की मनी लॉन्ड्रिंग या नियमों की अनदेखी की गई है। फिलहाल जांच जारी है और अधिकारी घर के अंदर मौजूद दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों को खंगाल रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हरियाणा में आने वाले समय में जो सियासी सरगर्मी बढ़ने वाली है, उसे देखते हुए इस तरह की कार्रवाइयां माहौल को और गरमा देंगी। अब देखना यह होगा कि घंटों चली इस जांच के बाद ईडी के हाथ क्या लगता है और चौधरी परिवार इस पर आधिकारिक रूप से क्या पक्ष रखता है।
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