शिकायत तब तक बंद नहीं होगी, जब तक जनता संतुष्ट नहीं! हरियाणा CM का बड़ा ऐलान

हरियाणा सरकार ने समाधान शिविरों को सजग शासन का प्रतीक बनाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि शिकायतों का असली निपटारा तभी माना जाएगा जब नागरिक पूरी तरह संतुष्ट हों। अब हर शिकायत की जिम्मेदारी जिला स्तर पर तय होगी।

  • शिकायत पूरी सुलझे बिना फाइल बंद नहीं होगी
  • समाधान शिविरों पर CM सैनी का सख्त संदेश
  • DC खुद करेंगे शिकायतों की निगरानी
  • 6 महीने में 17,699 शिकायतों का निपटारा

Haryana News: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ राज्यव्यापी बैठक में स्पष्ट किया कि समाधान शिविर अब केवल दिखावटी प्रक्रिया नहीं रहेंगे। उन्होंने कहा कि हर शिकायत (complaint) के पूरी तरह निपटने और नागरिक की संतुष्टि तक फाइल (file) बंद नहीं की जाएगी। यह स्पष्ट संदेश था कि सरकार अब कागज़ी नहीं, ज़मीनी जवाबदेही चाहती है।

जनता से भरोसे का पुल

मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि समाधान शिविर सरकार और जनता के बीच भरोसे की सबसे बड़ी कड़ी हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि गांवों से लेकर नगर निकायों तक जनता को शिविरों की जानकारी समय पर दी जाए। यह प्रचार स्थानीय मीडिया, सोशल मीडिया, ग्राम सचिवालय और जनसंपर्क माध्यमों से किया जाएगा ताकि कोई भी नागरिक सूचना के अभाव में वंचित न रह जाए।

डीसी की भूमिका अब पहले से अधिक जिम्मेदार

राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि अब प्रत्येक शिकायत का निपटान संपूर्ण जांच के बाद ही मान्य होगा। जिला उपायुक्त (DC) खुद उस पर टिप्पणी देंगे और सुनिश्चित करेंगे कि मामला लंबित (pending) न रहे। उन्होंने सख्त चेतावनी दी कि यदि किसी भी स्तर पर टालमटोल या औपचारिक रिपोर्टिंग पाई गई, तो कार्रवाई तय है। शासन का असली मूल्यांकन, उन्होंने कहा, नागरिक संतुष्टि (citizen satisfaction) से होता है, न कि फाइलों की मोटाई से।

छह महीनों में 17,699 शिकायतों का समाधान

बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार जुलाई से दिसंबर 2025 तक पूरे प्रदेश में 17,699 शिकायतों का निस्तारण किया गया। मुख्यमंत्री ने इस प्रदर्शन पर संतोष जताते हुए कहा कि “यह रफ्तार बनी रहनी चाहिए और हर समाधान पारदर्शी (transparent) व समयबद्ध होना चाहिए।”

हर सोमवार और गुरुवार होंगे नियमित शिविर

नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर जिले में सोमवार और गुरुवार को सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक समाधान शिविर आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि नागरिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार हो, उनकी बात धैर्यपूर्वक सुनी जाए और उन्हें चक्कर काटने के लिए मजबूर न किया जाए।

जल निकासी जैसी स्थानीय समस्याओं पर सीधा हस्तक्षेप

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अम्बाला जिले की जल निकासी शिकायत को उदाहरण बनाते हुए तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए बहु-विभागीय समिति (multi-departmental committee) बनाई जाए जिसमें एक्सईएन, बीडीपीओ (BDPO) और मार्केट कमेटी का प्रतिनिधि शामिल हों। इसका उद्देश्य था कि ऐसी स्थानीय समस्याओं का स्थायी और त्वरित समाधान सुनिश्चित हो सके।

नागरिक केंद्रित शासन की ओर कदम

हरियाणा सरकार की यह पहल केवल शिकायत समाधान का ढांचा नहीं, बल्कि एक मानसिकता परिवर्तन (mindset shift) का संकेत है। समाधान शिविर अब एक ऐसे मंच के रूप में देखे जा रहे हैं जहां शासन और जनता आमने-सामने संवाद कर सकें। मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि यह पारदर्शी, जिम्मेदार और संवेदनशील शासन (responsible governance) की दिशा में बड़ा कदम है।

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Saloni Yadav

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