हरियाणा में विकास की नई उड़ान: मुख्यमंत्री सैनी ने पीएम मोदी के प्रगति प्लेटफॉर्म को बताया जादुई बदलाव
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 'प्रगति' प्लेटफॉर्म की तारीफ करते हुए इसे प्रदेश के विकास के लिए संजीवनी बताया। जानिए कैसे 94 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट्स पूरे हुए और 5 लाख करोड़ के बड़े कामों पर पीएम मोदी की सीधी नजर है।
- हरियाणा के विकास को ‘प्रगति’ से मिली नई रफ्तार
- मुख्यमंत्री सैनी ने पीएम मोदी के इस डिजिटल मंच को बताया गेमचेंजर
- प्रदेश में 94 हजार करोड़ से ज्यादा के प्रोजेक्ट्स हुए पूरे
- विकसित भारत @2047 के सपने को सच करने की बड़ी कवायद
सरकारी फाइलों का एक मेज से दूसरी मेज तक पहुंचना और सालों-साल अटके रहना अब बीते दिनों की बात होती जा रही है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हाल ही में केंद्र सरकार के ‘प्रगति’ (PRAGATI) प्लेटफॉर्म की जमकर तारीफ करते हुए इसे आधुनिक शासन व्यवस्था का एक ऐसा हथियार बताया है जिसने न सिर्फ रफ्तार बढ़ाई है, बल्कि जवाबदेही भी तय की है। मुख्यमंत्री का मानना है कि इस एक कदम ने जनता की शिकायतों के निपटारे और विकास योजनाओं की राह में आने वाले रोड़ों को साफ कर दिया है।
अटकने और लटकने वाले दौर का अंत
मुख्यमंत्री सैनी ने साफ लहजे में कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता ही है कि आज केंद्र, राज्य और केंद्रीय मंत्रालय एक साथ एक ही स्क्रीन पर बैठकर बात करते हैं। पहले किसी बड़ी सड़क या पुल के प्रोजेक्ट में महीनों तक इसलिए देरी होती थी क्योंकि राज्यों और केंद्र के बीच तालमेल की कमी रहती थी। लेकिन प्रगति प्लेटफॉर्म ने इसे बदलकर रख दिया है। अब प्रधानमंत्री खुद बड़े प्रोजेक्ट्स की रियल-टाइम मॉनिटरिंग करते हैं, जिससे अधिकारियों में काम को लेकर गंभीरता और पारदर्शिता बढ़ी है।
हरियाणा की झोली में विकास के आंकड़े
अगर आंकड़ों की नजर से देखें, तो हरियाणा में विकास की एक बड़ी तस्वीर उभरती हुई दिखाई देती है। प्रदेश में फिलहाल 112 बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है, जिनमें से 57 प्रोजेक्ट्स का काम पूरा होकर जनता के लिए शुरू भी हो चुका है। इन पूरे हो चुके कामों पर 94,153 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश किया गया है। यह राशि सीधे तौर पर आम आदमी के जीवन को सुगम बनाने, बेहतर कनेक्टिविटी और रोजगार के अवसर पैदा करने में खर्च हुई है।
5.44 लाख करोड़ के बड़े दांव पर नजर
हालांकि, असली कहानी अभी बाकी है। हरियाणा में अभी 55 ऐसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है, जिनकी कुल लागत 5.44 लाख करोड़ रुपये है। ये वो प्रोजेक्ट्स हैं जो आने वाले समय में प्रदेश की सूरत बदल सकते हैं। मुख्यमंत्री का कहना है कि इतने भारी-भरकम निवेश वाले कामों की बारीकी से निगरानी करना ‘प्रगति’ प्लेटफॉर्म के बिना मुमकिन नहीं था। यह सिर्फ आंकड़े नहीं हैं, बल्कि यह उस भरोसे की नींव है जिसे ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य के साथ जोड़ा गया है।
आम जनता पर क्या होगा असर
जब सरकार कहती है कि गवर्नेंस पारदर्शी हो रही है, तो इसका सीधा मतलब यह है कि आपके टैक्स का पैसा अब फाइलों में नहीं दबता। सैनी ने जोर देकर कहा कि पीएम मोदी का यह सिस्टम जन कल्याण की योजनाओं को आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने का जरिया बना है। जब बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स समय पर पूरे होते हैं, तो लागत कम आती है और सुविधा जल्दी मिलती है। मुख्यमंत्री ने इसे एक ऐसा इकोसिस्टम बताया है जहां काम करने की नियत और तकनीक का मेल हो रहा है।
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