हरियाणा में Family ID सुधार अब घर बैठे, आय–नाम–उम्र की गलती ठीक होगी बिना दफ्तर गए

हरियाणा सरकार ने फैमिली आईडी में आय, नाम, उम्र और प्रॉपर्टी से जुड़ी गलतियों को ऑनलाइन ठीक करने की सुविधा शुरू की है। अब ओटीपी लॉगिन से घर बैठे सुधार संभव होगा और योजनाओं का लाभ स्वतः मिलेगा।

  • हरियाणा में फैमिली आईडी सुधार की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन हुई
  • आय, नाम, उम्र और प्रॉपर्टी से जुड़ी गलतियां अब घर बैठे ठीक होंगी
  • गलती सही साबित होने पर सिस्टम खुद सुधार करेगा
  • पेंशन और सामाजिक योजनाओं का लाभ अब स्वतः मिलेगा

हरियाणा के लाखों परिवारों के लिए एक लंबे इंतजार के बाद राहत की खबर सामने आई है। फैमिली आईडी यानी परिवार पहचान पत्र में दर्ज गलत जानकारियों की वजह से जिन लोगों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था, उनके लिए अब हालात बदलने वाले हैं। राज्य सरकार ने फैमिली आईडी में सुधार की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है।

अब आम नागरिकों को छोटी-छोटी गलतियों के लिए ब्लॉक या जिला कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर से ‘मेरा परिवार’ पोर्टल पर जाकर जरूरी सुधार किए जा सकेंगे।

ओटीपी से लॉगिन, आसान प्रक्रिया

फैमिली आईडी के प्रदेश समन्वयक डॉ. सतीश खोला के अनुसार, सुधार की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। नागरिक अपनी सिटिजन आईडी के जरिए ओटीपी आधारित लॉगिन करेंगे। लॉगिन के बाद पोर्टल पर उपलब्ध अलग-अलग करेक्शन मॉड्यूल में जाकर गलत जानकारी को ठीक किया जा सकता है।

सिस्टम द्वारा की गई एंट्री का ऑटोमैटिक डेटा मिलान होगा। यदि जानकारी सही पाई जाती है तो सुधार अपने आप स्वीकार हो जाएगा। किसी अधिकारी की अतिरिक्त मंजूरी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

अलग-अलग गलती के लिए अलग मॉड्यूल

मेरा परिवार पोर्टल पर करेक्शन मॉड्यूल और बेनिफिशियरी मॉड्यूल दोनों उपलब्ध हैं। आय, नाम, उम्र या पारिवारिक विवरण जैसी समस्याओं के लिए अलग-अलग विकल्प दिए गए हैं। नागरिक अपनी समस्या के अनुसार मॉड्यूल चुनकर स्वयं आवेदन कर सकते हैं।

यदि ऑनलाइन सत्यापन के दौरान जानकारी मेल नहीं खाती, तो आवेदन रिजेक्ट हो सकता है। ऐसे मामलों में नागरिक को आगे का रास्ता भी दिया गया है।

रिजेक्शन के बाद भी खुला है रास्ता

अगर किसी व्यक्ति को ऑनलाइन रिजेक्शन से संतुष्टि नहीं है, तो वह गांव, वार्ड, ब्लॉक या जिला स्तर पर क्रिड विभाग में फिजिकल वैरिफिकेशन के लिए आवेदन कर सकता है। उम्र में सुधार के लिए स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट, 10वीं की मार्कशीट, जन्म प्रमाण पत्र या चार साल पुरानी वोटर आईडी में से कोई एक दस्तावेज अपलोड करना होगा।

नाम से जुड़ी गलती यदि आधार कार्ड से अलग दर्ज है, तो उसे सीधे ऑनलाइन ठीक किया जा सकता है। लेकिन अगर आधार कार्ड में ही नाम गलत है, तो पहले आधार में सुधार कराना जरूरी होगा।

प्रॉपर्टी और वाहन से जुड़ी गलतियों पर भी ध्यान

सरकार ने प्रॉपर्टी से जुड़ी त्रुटियों को भी गंभीरता से लिया है। गांव और शहरों में प्रॉपर्टी आईडी को आधार से लिंक किया गया है। एसओपी के तहत फैमिली आईडी में नाम जोड़े जाते हैं। यदि इसमें कोई गड़बड़ी है, तो सिटिजन कार्नर में ट्रिपल पी विकल्प के तहत रिपोर्ट ग्रीवांस दर्ज कराई जा सकती है।

कार, मकान या प्लॉट से संबंधित मामलों में जरूरत पड़ने पर संबंधित विभाग द्वारा फिजिकल वैरिफिकेशन भी किया जाएगा।

योजनाओं का लाभ अब अपने आप मिलेगा

डॉ. सतीश खोला के मुताबिक, बुढ़ापा पेंशन, विधवा, दिव्यांग, विधुर, अविवाहित, लाडली योजना और निराश्रित जैसी योजनाओं को फैमिली आईडी से जोड़ा जा चुका है। जैसे ही फैमिली आईडी में दर्ज जानकारी सही होगी और पात्रता पूरी होगी, लाभ अपने आप मिलना शुरू हो जाएगा।

अब किसी भी योजना के लिए अलग से आवेदन करने या सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी।

शिकायत पर होगी ऑनलाइन जांच

मेरा परिवार पोर्टल पर दर्ज शिकायत की पहले ऑनलाइन वैरिफिकेशन होगी। यदि नागरिक गांव या वार्ड स्तर की जांच से संतुष्ट नहीं है, तो वह ब्लॉक, जिला और प्रदेश स्तर तक अपनी शिकायत आगे बढ़ा सकता है। इसके अलावा सोमवार और वीरवार को लगने वाले समाधान शिविरों में भी लोग अपनी बात सीधे रख सकते हैं।

कुल मिलाकर, फैमिली आईडी को लेकर वर्षों से चली आ रही परेशानियों पर सरकार ने डिजिटल समाधान देकर आम लोगों को बड़ी राहत देने की कोशिश की है।

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