हरियाणा सरकार के नए लेबर रूल्स: महिलाओं को मशीनों पर काम की मंजूरी, ओवरटाइम अब होगा 144 घंटे तक!

Haryana News: हरियाणा कैबिनेट का बड़ा फैसला: श्रमिकों के लिए बदले नियमहरियाणा सरकार (Haryana Government) ने सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में दो अहम अध्यादेशों (Ordinances) को मंजूरी दी जिसमें फैक्ट्रियां (संशोधन) अध्यादेश, 2025 ओर दुकान एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान (संशोधन) अध्यादेश, 2025 शामिल है। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने की जिसमें औद्योगिक ढांचे को आधुनिक बनाने और श्रमिकों के हित में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए।

अब निजी कर्मचारियों को अनिवार्य मिलेगा Appointment Letter नए संशोधित प्रावधानों के तहत अब हर नियोक्ता (Employer) को अपने कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र (Appointment Letter) और पहचान पत्र (Identity Card) देना अनिवार्य होगा। हालांकि यह नियम केवल उन निजी प्रतिष्ठानों (Private Establishments) पर लागू होगा जहां 20 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। छोटे दुकानदारों को इससे छूट दी गई है।

महिलाओं के काम पर नया प्रावधान: सुरक्षा के साथ मशीनों के पास काम की अनुमति

सरकार ने पूर्व प्रतिबंध हटाते हुए महिलाओं को मशीनों पर काम करने की अनुमति दी है लेकिन यह अनुमति तभी होगी जब सभी सुरक्षा उपाय (Safety Measures) सुनिश्चित किए जाएं।
पहले के कानून में महिलाओं और बच्चों को कॉटन मशीनों के पास काम करने की अनुमति नहीं थी, पर अब बाल श्रम (Child Labour) पहले से प्रतिबंधित होने के कारण यह बदलाव किया गया है।

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कार्य समय और ओवरटाइम में बड़ा फेरबदल

औद्योगिक उत्पादकता बढ़ाने के लिए अब दैनिक कार्य समय (Work Hours) को 9 घंटे से बढ़ाकर 10 घंटे कर दिया गया है। हालांकि, साप्ताहिक सीमा (Weekly Limit) अभी भी 48 घंटे ही रहेगी। ओवरटाइम (Overtime) की सीमा प्रति तिमाही 115 घंटे से बढ़ाकर 144 घंटे कर दी गई है। सभी ओवरटाइम कार्य स्वैच्छिक (Voluntary) होंगे और इसके लिए दोगुना वेतन (Double Wages) दिया जाएगा।

छोटे कारोबारियों को मिली राहत

20 से कम कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों को अब केवल ऑनलाइन सेल्फ-डिक्लेरेशन (Online Self-Declaration) देना होगा। पंजीकरण (Registration), संशोधन और बंद करने की प्रक्रिया अब पूरी तरह डिजिटल पोर्टल के माध्यम से होगी।
छोटे और मध्यम व्यापारियों को राहत देते हुए सरकार ने मामूली प्रक्रियात्मक उल्लंघनों (Minor Violations) पर जेल की सजा की बजाय सिर्फ जुर्माना (Fine) लगाने का प्रावधान किया है।

सीएम नायब सिंह सैनी बोले – पारदर्शी और संवेदनशील शासन हमारी प्राथमिकता

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य श्रम कानूनों (Labour Laws) को आधुनिक औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप ढालना, ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देना और महिला एवं श्रमिक कल्याण (Worker Welfare) सुनिश्चित करना है। उन्होंने दोहराया कि राज्य में हर निर्णय पारदर्शिता (Transparency), संवेदनशीलता (Sensitivity) और सेवा भावना (Spirit of Service) पर आधारित है।

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Saloni Yadav

सलोनी यादव (Journalist): एक अनुभवी पत्रकार हैं जिन्होंने अपने 10 साल के करियर में कई अलग-अलग विषयों को बखूबी कवर किया है। उन्होंने कई बड़े प्रकाशनों के साथ काम किया है और अब NFL स्पाइस पर अपनी सेवाएँ दे रही हैं। सलोनी यादव हमेशा प्रामाणिक स्रोतों और अपने अनुभव के आधार पर जानकारी साझा करती हैं और पाठकों को सही और विश्वसनीय सलाह देती हैं। Contact Email: saloniyadav@nflspice.com Website: nflspice.com
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