हरियाणा सरकार सख्त: हजारों संविदा कर्मचारियों को PPP आय विवरण तुरंत अपडेट करने का आदेश
Haryana News: हरियाणा में सरकारी कामकाज को डिजिटल रूप से अधिक पारदर्शी और तेज़ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने सभी विभागों, बोर्डों, निगमों और सार्वजनिक उपक्रमों को आदेश दिया है कि वे अपने यहां कार्यरत कर्मचारियों, विशेषकर हरियाणा कौशल रोजगार निगम लिमिटेड से नियुक्त संविदा कर्मियों के परिवार पहचान पत्र पर दर्ज वार्षिक पारिवारिक आय को तुरंत अपडेट करवाएं। यह कदम केवल प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि उन हजारों कर्मचारियों के लिए अहम है जिनकी सेवा से जुड़े निर्णय अब PPP के सही और अद्यतन डेटा पर ही निर्भर करते हैं। Haryana News
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने 10 दिसंबर को वरिष्ठ अधिकारियों को भेजे गए पत्र में साफ कहा है कि संविदा कर्मियों की तैनाती नीति, 2022 के तहत PPP डेटा का पूरा और सही होना अनिवार्य है। कई विभागों में 17 अगस्त 2019 से 31 दिसंबर 2021 के बीच नियुक्त कर्मचारियों ने आज तक अपनी पारिवारिक आय अपडेट नहीं की, जबकि HKRNL के माध्यम से उनका वेतन संशोधन भी किया जा चुका है। अधूरे डेटा ने सरकारी फाइलों में भ्रम बढ़ाया है और कई मामलों में कर्मचारियों के सेवा रिकॉर्ड में अंतर पैदा हो रहा है। सरकार के अनुसार यह स्थिति प्रशासनिक प्रक्रियाओं को धीमा करती है और अनावश्यक देरी पैदा करती है। Haryana New
सरकार ने इस बार सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि संबंधित कर्मचारी किसी भी हाल में देरी न करें। निर्देशों के अनुसार PPP विवरण जारी होने की तिथि से 20 दिन के भीतर आय का अपडेट होना अनिवार्य है और विभागों को अपने स्तर पर इसका सत्यापन सुनिश्चित करना होगा। राज्य सरकार ने यह भी कहा है कि पारिवारिक आय से जुड़ी जानकारी जितनी सटीक होगी, उतना ही सुचारू रूप से सरकारी योजनाएं, प्रमोशन, नियुक्तियां और लाभ वितरण जैसे निर्णय लिए जा सकेंगे। Haryana New
PPP अब हरियाणा में एक साधारण डेटाबेस नहीं, बल्कि सरकारी शासन का आधार स्तंभ बन चुका है। अधूरी जानकारी न केवल योजनाओं को प्रभावित करती है, बल्कि कर्मचारियों के भविष्य पर भी असर डालती है। इसी कारण राज्य सरकार ने सभी विभागों से आग्रह किया है कि वे कर्मचारियों को तुरंत अपडेट प्रक्रिया पूरी करवाने के लिए प्रेरित करें और डेटा की पारदर्शिता सुनिश्चित करें। सरकार मानती है कि जब तक PPP विवरण पूरी तरह से सटीक नहीं होंगे, तब तक डिजिटल गवर्नेंस का लक्ष्य अधूरा ही रहेगा। Haryana New
इस श्रेणी की और खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें: हरियाणा



