हरियाणा में बुढ़ापा पेंशन पर बवाल: इनेलो नेता कुणाल करण सिंह का बड़ा ऐलान, 20 फरवरी को पंचकूला में महा-प्रदर्शन
हरियाणा में बुढ़ापा पेंशन काटने के मुद्दे पर इनेलो ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। नेता कुणाल करण सिंह ने 20 फरवरी को पंचकूला में बड़े विरोध प्रदर्शन का ऐलान करते हुए कार्यकर्ताओं को जुटने का निर्देश दिया है।

- पेंशन बहाली का निर्णायक संघर्ष
- पंचकूला कूच की बड़ी रणनीति
- बुजुर्गों के अपमान का आरोप
- जननायक की विरासत पर सियासत
यमुनानगर/हरियाणा: हरियाणा की राजनीति में ‘बुढ़ापा पेंशन’ हमेशा से एक भावनात्मक और निर्णायक मुद्दा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर अब इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। नेता कुणाल करण सिंह के फार्म हाउस पर आयोजित विधानसभा स्तरीय बैठक में कार्यकर्ताओं के जोश ने यह साफ कर दिया है कि इनेलो इस बार आर-पार की लड़ाई के मूड में है।
ताऊ देवीलाल की विरासत बनाम मौजूदा नीतियां
बैठक को संबोधित करते हुए कुणाल करण सिंह ने भावुक और कड़े शब्दों में कहा कि जिस पेंशन को जननायक चौधरी देवीलाल ने बुजुर्गों के ‘सम्मान’ के तौर पर शुरू किया था, आज की भाजपा सरकार उसे ‘शर्तों’ के जाल में उलझाकर खत्म करने पर तुली है। उन्होंने आरोप लगाया कि फैमिली आईडी और आय की नई-नई बंदिशें लगाकर उन बुजुर्गों की पेंशन काटी जा रही है, जो पूरी तरह से इस पर आश्रित हैं।
दफ्तरों की ठोकरें खाने को मजबूर ‘बुजुर्ग’
ग्राउंड रिपोर्ट का हवाला देते हुए नेताओं ने कहा कि आज प्रदेश का बुजुर्ग दफ्तरों के चक्कर काटकर थक चुका है, लेकिन अधिकारी और सरकार संवेदनहीन बने हुए हैं। जिला अध्यक्ष बिकर सिंह हड़ौली ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि इस अन्याय को चुपचाप नहीं सहा जाएगा। इनेलो ने ऐलान किया है कि 20 फरवरी को पंचकूला में विशाल विरोध प्रदर्शन किया जाएगा, जो सरकार की ‘पेंशन काटो’ नीति के ताबूत में आखिरी कील साबित होगा।
इस बैठक में हरि सिंह महरिया और किसान सेल से गुरचरण सिंह अमानी सहित कई दिग्गज नेताओं ने रणनीति साझा की। कार्यकर्ताओं को गांव-गांव जाकर बुजुर्गों को एकजुट करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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