कुतीना गांव में आस्था का सात दिवसीय उत्सव शुरू, 71 महिलाओं की कलश यात्रा से श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ

कुतीना गांव में आस्था और परंपरा का संगम देखने को मिला, जब प्रसिद्ध बाबा कुन्दन दास मंदिर परिसर में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का विधिवत शुभारंभ हुआ। सुबह होते ही गांव का माहौल भक्तिमय रंग में ढल गया और मंदिर प्रांगण से कलश यात्रा की शुरुआत हुई।
इस कलश यात्रा में गांव की 71 महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर सहभागिता निभाई। यात्रा ठाकुर जी के मंदिर से शुरू होकर पूरे गांव की परिक्रमा करती हुई आगे बढ़ी।
रास्ते भर जयकारे, भजन और शंखनाद की गूंज रही। घर-घर से लोग बाहर निकले और पुष्प वर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया। कुछ पल के लिए पूरा गांव जैसे एक साथ पूजा में लीन नजर आया।
इसे भी पढ़ें: धारूहेड़ा में बच्चों के लिए नई शुरुआत, अंबेडकर पार्क में डिजिटल लाइब्रेरी का उद्घाटन
परिक्रमा पूरी होने के बाद कलश यात्रा मंदिर परिसर पहुंची, जहां विधि-विधान से कलश स्थापना की गई। श्रद्धालुओं ने कथा के निर्विघ्न आयोजन की कामना करते हुए पूजा-अर्चना की।
महिलाओं की भागीदारी ने आयोजन को खास बना दिया, जिसमें मुकेश देवी, मितलेश देवी, सुदेश देवी, राधा देवी, मंजू देवी, चिंकी देवी, पिंकी देवी और मुन्नी देवी सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति शामिल रही।
आयोजन समिति और ग्रामीणों के अनुसार अगले सात दिनों तक प्रतिदिन कथा वाचन, भजन-कीर्तन और प्रवचन होंगे। उम्मीद है कि आसपास के गांवों से भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में कथा श्रवण के लिए पहुंचेंगे। इसी को देखते हुए मंदिर परिसर को सजाया गया है और बैठने, जल व अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
इसे भी पढ़ें: हरियाणा में Family ID सुधार अब घर बैठे, आय–नाम–उम्र की गलती ठीक होगी बिना दफ्तर गए
इस धार्मिक आयोजन के कर्ता राजेंद्र सिंह, पिता गजराज सिंह, निवासी कुतीना हैं। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है और गांव में आपसी एकता और सौहार्द भी मजबूत होता है।
इस श्रेणी की और खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें: हरियाणा



