हरियाणा में शामलात भूमि नियम में बड़ा बदलाव: दिव्यांगों को 4% आरक्षण, पंचायतों की आय बढ़ेगी
चंडीगढ़, 14 अक्टूबर 2025: हरियाणा सरकार ने ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाने और गांवों के विकास को गति देने के लिए एक अहम फैसला लिया है. मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में रविवार को चंडीगढ़ में हुई कैबिनेट मीटिंग में ग्राम शामलात भूमि नियम 1964 में संशोधन को मंजूरी दी गई. इस फैसले से न केवल ग्राम पंचायतों की आय में इजाफा होगा, बल्कि दिव्यांगों को भी खेती के लिए जमीन के पट्टे में विशेष आरक्षण मिलेगा.
पंचायतों को मिलेगी ज्यादा जमीन
नए नियमों के तहत ग्राम पंचायतें अब अपनी शामलात भूमि की 250 एकड़ तक का उपयोग स्वयं कर सकेंगी. पहले यह सीमा 100 एकड़ थी, जिसे बढ़ाकर 250 एकड़ कर दिया गया है. इससे पंचायतें विभिन्न योजनाओं के माध्यम से अपनी आय बढ़ा सकेंगी. अगर पंचायत समिति या जिला परिषद तय समय में किसी योजना को मंजूरी नहीं देती या असहमति जताती है, तो ग्राम पंचायत इस मामले को राज्य सरकार के समक्ष ले जा सकती है.
दिव्यांगों के लिए 4% आरक्षण
नए संशोधन के तहत ग्राम शामलात भूमि नियम 6 (2) में बदलाव किया गया है. इसके अनुसार, खेती के लिए पट्टे पर दी जाने वाली जमीन का 4% हिस्सा उन व्यक्तियों के लिए आरक्षित होगा, जिनकी बेंचमार्क विकलांगता 60% या उससे अधिक है. यह कदम दिव्यांगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है.
गो अभयारण्य के लिए विशेष प्रावधान
नियम 6 (2A) में भी संशोधन किया गया है. इसके तहत पशुपालन एवं डेयरी विभाग या हरियाणा गो सेवा आयोग को गो अभयारण्य स्थापित करने के लिए 20 साल की अवधि के लिए जमीन पट्टे पर दी जा सकेगी. इसके लिए 5100 रुपये प्रति एकड़ प्रति वर्ष की दर तय की गई है, जो कुछ नियमों और शर्तों के अधीन होगी.
सरकार का मकसद
हरियाणा सरकार का यह फैसला ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इससे न केवल गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलेगा. मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि यह संशोधन ग्रामीण विकास को नई दिशा देगा और समाज के हर वर्ग को इसका लाभ मिलेगा.
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