हरियाणा में सिख संस्कृति को बढ़ावा देने की नई योजना

Haryana News – हरियाणा सरकार ने सिख समुदाय की समृद्ध विरासत को संजोने और उसे बढ़ावा देने के लिए एक नई पहल शुरू की है। कुरुक्षेत्र में एक भव्य सिख संग्रहालय बनाने की योजना बनाई गई है, जो सिख धर्म और संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का काम करेगी। यह कदम न सिर्फ सिख समुदाय के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह हरियाणा और पड़ोसी राज्य पंजाब के बीच सांस्कृतिक रिश्तों को और मजबूत करेगा।

कुरुक्षेत्र में बन रहा है सिख संग्रहालय

हरियाणा सरकार कुरुक्षेत्र में तीन एकड़ जमीन पर एक आधुनिक सिख संग्रहालय बनाने जा रही है। यह संग्रहालय पंजाब के आनंदपुर साहिब में स्थित प्रसिद्ध विरासत-ए-खालसा की तर्ज पर होगा। इस परियोजना की लागत लगभग 115 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। सरकार ने इसके लिए एक सलाहकार कंपनी, स्प्लैट मीडिया, को नियुक्त किया है। इस संग्रहालय का निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा और उम्मीद है कि यह दो साल में पूरा होकर लोगों के लिए खुल जाएगा।

यह संग्रहालय सिख धर्म की शुरुआत, खालसा पंथ के उदय और महाराजा रणजीत सिंह के सिख साम्राज्य की कहानी को दर्शाएगा। यहाँ पर कोई पुरानी कलाकृतियाँ तो नहीं होंगी, लेकिन आधुनिक तकनीकों जैसे दृश्य-श्रव्य शो, एम्फीथिएटर, ध्यान कक्ष, और संगीतमय फव्वारे के जरिए सिख संस्कृति को जीवंत किया जाएगा। यह संग्रहालय न केवल इतिहास को दर्शाएगा, बल्कि आज के वैश्विक सिख समुदाय की पहचान को भी प्रदर्शित करेगा।

गुरु रविदास संग्रहालय का भी होगा निर्माण

सिख संग्रहालय के साथ-साथ, हरियाणा सरकार कुरुक्षेत्र में ही पाँच एकड़ जमीन पर गुरु रविदास संग्रहालय और भवन बनाने की योजना पर काम कर रही है। यह परियोजना गुरु रविदास के जीवन और उनके सामाजिक सुधारों को समर्पित होगी। इसका उद्देश्य गुरु रविदास के संदेश को लोगों तक पहुँचाना और उनकी शिक्षाओं को बढ़ावा देना है।

सिख समुदाय से जुड़ने की कोशिश

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सिख समुदाय के साथ रिश्ते मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। हाल ही में, उन्होंने गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस के लिए हरियाणा में होने वाले कार्यक्रमों की योजना बनाई। इसके अलावा, सैनी ने पंजाब के कई शहरों का दौरा किया, जिसमें रोपड़, संगरूर और सुनाम शामिल हैं। इन दौरों का मकसद सिख समुदाय के बीच विश्वास और समर्थन हासिल करना है।

हरियाणा में सिख आबादी भी काफी है, खासकर कुरुक्षेत्र, अंबाला, करनाल और सिरसा जैसे जिलों में। सरकार का मानना है कि यह संग्रहालय न केवल सिख समुदाय की संस्कृति को बढ़ावा देगा, बल्कि पर्यटन को भी प्रोत्साहन देगा। यह कदम हरियाणा को सांस्कृतिक और धार्मिक पर्यटन के नक्शे पर और मजबूत करेगा।

पंजाब में भी नजर 2027 के चुनावों पर

यह योजना सिर्फ हरियाणा तक सीमित नहीं है। सूत्रों की मानें तो हरियाणा सरकार इस परियोजना के जरिए पड़ोसी राज्य पंजाब में भी अपनी पैठ बढ़ाने की कोशिश कर रही है। 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों को देखते हुए, भाजपा सिख समुदाय के बीच अपनी उपस्थिति को मजबूत करना चाहती है। हरियाणा के विकास मॉडल को पंजाब में लागू करने की योजना बन रही है, जिससे किसानों और अन्य समुदायों का समर्थन हासिल किया जा सके।

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Saloni Yadav

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