नोएडा एयरपोर्ट से सीधे जुड़ेंगे गुरुग्राम और फरीदाबाद, नमो भारत ट्रेन का 72 KM लंबा नया रूट तैयार
जेवर एयरपोर्ट को गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद से जोड़ने के लिए 20,360 करोड़ का नमो भारत प्रोजेक्ट तैयार। जानें 72 किमी लंबे रूट और सूरजपुर जंक्शन का पूरा प्लान।

- जेवर एयरपोर्ट से दिल्ली-एनसीआर की दूरी अब मिनटों में होगी तय
- सूरजपुर बनेगा नमो भारत का महा-जंक्शन, जुड़ेंगे फरीदाबाद और गुरुग्राम
- 20 हजार करोड़ का बजट और 22 स्टेशन, पांच साल में बदलेगी यूपी-हरियाणा की तस्वीर
उत्तर प्रदेश के जेवर में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट सिर्फ उड़ानों का केंद्र नहीं होगा, बल्कि यह दिल्ली-एनसीआर की रफ़्तार का नया ठिकाना बनने जा रहा है। कल्पना कीजिए कि आप गाजियाबाद, मेरठ या गुरुग्राम में बैठे हैं और महज कुछ ही मिनटों में बिना किसी ट्रैफिक जाम के सीधे एयरपोर्ट टर्मिनल के भीतर उतर रहे हैं। यह सपना अब हकीकत के बहुत करीब है। यमुना प्राधिकरण ने नमो भारत (RRTS) ट्रेन को गाजियाबाद से सीधे जेवर एयरपोर्ट तक जोड़ने की नई और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) केंद्र सरकार को सौंप दी है।
यह प्रोजेक्ट करीब 72.44 किलोमीटर लंबा होगा और इसकी सबसे खास बात यह है कि यह केवल एक रूट नहीं, बल्कि पूरे एनसीआर को एक धागे में पिरोने वाली कड़ी है। इस पूरे ट्रैक को तैयार करने में करीब 20,360.25 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है। सरकार का लक्ष्य है कि अगले पांच साल के भीतर यह कॉरिडोर जमीन पर उतर आए और लोग फर्राटा भरते हुए अपने सफर का आनंद ले सकें।
सूरजपुर बनेगा रफ्तार का नया ‘संगम’
इस पूरी योजना में ग्रेटर नोएडा का सूरजपुर सबसे बड़ा गेम-चेंजर साबित होने वाला है। दरअसल, सूरजपुर को एक बड़े जंक्शन के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहाँ गाजियाबाद-जेवर कॉरिडोर और हरियाणा सरकार द्वारा प्रस्तावित गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा कॉरिडोर का मिलन होगा। यानी अगर आप फरीदाबाद या गुरुग्राम से आ रहे हैं, तो सूरजपुर पहुंचकर सीधे नमो भारत पकड़कर एयरपोर्ट जा सकेंगे। यह एक ऐसा जंक्शन होगा जो दिल्ली, मेरठ, गाजियाबाद और हरियाणा के प्रमुख शहरों को एक साथ जोड़ देगा।
इसे भी पढ़ें: नूंह में रिश्तों का कत्ल: मां के दूसरे निकाह से भड़के बेटे ने काट दिए पैर, अस्पताल में जिंदगी की जंग
मेट्रो और नमो भारत का अनोखा तालमेल
इंजीनियरिंग का बेहतरीन नमूना इस रूट पर देखने को मिलेगा, जहाँ कुल 22 स्टेशन बनाए जाने हैं। इनमें से 11 स्टेशन नमो भारत के लिए होंगे और बाकी 11 स्टेशन मेट्रो के लिए रिजर्व रखे जाएंगे। अच्छी खबर यह भी है कि नोएडा वेस्ट यानी चार मूर्ति चौक के पास रहने वाले लोगों को अब अलग से मेट्रो का इंतजार नहीं करना होगा। एक्वा लाइन मेट्रो इसी कॉरिडोर के साथ तालमेल बिठाएगी, जिससे दिल्ली-एनसीआर के मुसाफिरों का सफर और भी आसान हो जाएगा।
इतना ही नहीं, फिल्म सिटी से एयरपोर्ट तक प्रस्तावित लाइट मेट्रो को भी इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि वह नमो भारत के इसी इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल कर सके। इससे सरकार के करोड़ों रुपये तो बचेंगे ही, साथ ही यात्रियों को अलग-अलग मोड बदलने की झंझट से भी मुक्ति मिलेगी।
सराय काले खां नहीं, अब गाजियाबाद होगा मुख्य केंद्र
शुरुआत में चर्चा थी कि सराय काले खां से जेवर तक एक नया कॉरिडोर बनाया जाए, लेकिन उस पर बात नहीं बन पाई। अब नई योजना के तहत गाजियाबाद के मेरठ मोड़ से ही इस ट्रेन को डाइवर्ट किया जाएगा। गाजियाबाद से शुरू होकर यह सफर सिद्धार्थ विहार, चार मूर्ति चौक, नॉलेज पार्क-5, पुलिस लाइन और अल्फा-1 होते हुए यमुना सिटी के सेक्टर-18 और 21 से गुजरेगा। आखिर में, एयरपोर्ट के पास करीब 1.1 किलोमीटर का हिस्सा अंडरग्राउंड होगा, ताकि यात्री सीधे एयरपोर्ट के भीतर प्रवेश कर सकें।
यमुना प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शैलेंद्र भाटिया का कहना है कि इस प्रोजेक्ट पर काम तेजी से चल रहा है। उनके मुताबिक, इस कॉरिडोर के तैयार होने के बाद नोएडा एयरपोर्ट के यात्रियों को न सिर्फ दिल्ली, बल्कि गुरुग्राम, फरीदाबाद और मेरठ तक जाने के लिए सबसे तेज और सुलभ साधन मिल जाएगा। यह सिर्फ एक ट्रेन नहीं, बल्कि पश्चिम उत्तर प्रदेश और हरियाणा के आर्थिक विकास की नई जीवनरेखा साबित होगी।
इस श्रेणी की और खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें: हरियाणा



