खाकी पर फिर दाग: नूंह में रिश्वतखोरी का खेल उजागर, एसीबी के बिछाए जाल में फंसे सिस्टम के ‘पहरेदार’

Haryana News: हरियाणा के नूंह में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बार फिर सरकारी डंडा चला है। इस बार निशाना बना है वो विभाग, जिस पर मेवात के माथे से साइबर क्राइम का कलंक धोने की जिम्मेदारी थी। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार शाम एक ऐसी कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसने पुलिस महकमे के भीतर चल रहे ‘सेटिंग’ के खेल की पोल खोल कर रख दी है। पुलिस के ही एक सब इंस्पेक्टर की शह पर चल रहा वसूली का यह कारोबार अनाज मंडी की भीड़ में धराशायी हो गया।
भरोसे की आड़ में सौदेबाजी
मामला नूंह के साइबर क्राइम थाने से जुड़ा है। हकीकत यह है कि जब रक्षक ही भक्षक की भूमिका में आ जाए, तो आम आदमी जाए तो जाए कहाँ। मालब गांव के रहने वाले इमरान को पुलिस ने बीते 13 नवंबर को दो अलग-अलग मुकदमों में उठाया था। कायदे से कानून अपना काम करता, लेकिन जांच अधिकारी एसआई नरेंद्र ने इसमें अपना ‘फायदा’ तलाश लिया। आरोप है कि एसआई ने आरोपी का चालान जल्द अदालत भेजने और उस पर लगी धाराओं को हल्का करने के बदले 50 हजार रुपये की मांग रख दी।
एक गरीब परिवार के लिए यह रकम कितनी बड़ी होती है, इसका अंदाजा शायद उस कमरे में बैठकर नहीं लगाया जा सकता जहां ये सौदे तय होते हैं। पीड़ित पक्ष ने हार मानने के बजाय हिम्मत दिखाई और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो का दरवाजा खटखटाया।
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अनाज मंडी में बिछाया गया जाल
गुरुवार शाम करीब 4 बजे का वक्त था। नई अनाज मंडी की चहल-पहल के बीच भ्रष्टाचार का यह सौदा परवान चढ़ने वाला था। एसीबी के इंस्पेक्टर जाकिर हुसैन के नेतृत्व में टीम पूरी तरह मुस्तैद थी। शिकायतकर्ता को पाउडर लगे नोट थमा दिए गए थे, जो रिश्वतखोरों की बर्बादी की इबारत लिखने वाले थे।
जैसे ही होमगार्ड इरफान और बिचौलिया आबिद वहां पहुंचे और लालच में आकर 30 हजार रुपये की पहली किस्त थामी, वैसे ही सादे कपड़ों में तैनात टीम ने उन्हें दबोच लिया। जब उनके हाथ धुलवाए गए, तो गुलाबी रंग ने उनकी काली करतूतों की गवाही दे दी।
कानून की गिरफ्त से दूर एसआई की तलाश
इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड माना जा रहा सब इंस्पेक्टर नरेंद्र फिलहाल फरार है। वह मौके पर मौजूद नहीं था, लेकिन एसीबी की एफआईआर में उसका नाम प्रमुखता से शामिल है। सरकारी तंत्र में बिचौलियों का बढ़ता दखल और पुलिसकर्मियों द्वारा होमगार्ड को वसूली का जरिया बनाना मेवात इलाके में कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार चाहे वर्दी के पीछे छिपे या किसी बिचौलिए के कंधे का सहारा ले, कानून की नजर से बचना मुश्किल है।
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फिलहाल एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की सख्त धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। गिरफ्तार किए गए इरफान और आबिद से पूछताछ जारी है ताकि इस गिरोह की जड़ों तक पहुंचा जा सके। इलाके के लोग इस कार्रवाई को पुलिसिया रौब के खिलाफ एक बड़ी जीत के रूप में देख रहे हैं।
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