Rewari AIIMS: OPD-MBBS की समय-सीमा पर फिर सवाल, विकास दावों पर उठी उंगलियां
Rewari Aiims Update: रेवाड़ी में प्रस्तावित एम्स को लेकर एक बार फिर समय-सीमा पर सवाल खड़े हो गए हैं। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की ओर से मार्च 2026 से ओपीडी और अगस्त 2026 से एमबीबीएस प्रथम वर्ष की कक्षाएं शुरू करने की घोषणा का जहां स्वागत हुआ है, वहीं जमीनी सच्चाई को लेकर संशय भी खुलकर सामने आया है। स्वयंसेवी संस्था ‘ग्रामीण भारत’ के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने इस घोषणा को उम्मीद की तरह देखा, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि एम्स की ओपीडी को लेकर पहले भी कई बार तारीखें तय हो चुकी हैं, जो समय गुजरते ही बदलती रही हैं।
विद्रोही का कहना है कि माजरा स्थित एम्स में ओपीडी और एमबीबीएस कक्षाएं शुरू होना तय है, इस पर किसी को संदेह नहीं है, लेकिन असली सवाल यह है कि यह सब वास्तव में कब जमीन पर उतरेगा। उनका तर्क है कि केवल घोषणाओं से कुछ नहीं बदलता। एम्स का भवन निर्माण जब तक पूरी तरह तैयार नहीं होगा, तब तक न तो ओपीडी के लिए जरूरी ढांचा बन पाएगा और न ही मेडिकल छात्रों की पढ़ाई शुरू हो सकेगी।Rewari Aiims Update
उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण कार्य का निरीक्षण करने के दौरान अक्सर बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, जो सुर्खियां तो बन जाते हैं, लेकिन आम जनता को उनका ठोस असर दिखाई नहीं देता। ऐसे में माजरा एम्स को लेकर घोषित समय-सीमा पर भरोसा तभी किया जा सकता है, जब निर्माण की प्रगति और तैयारियों को लेकर स्पष्ट और पारदर्शी जानकारी सामने आए।Rewari Aiims Update
एम्स के मुद्दे के साथ-साथ वेदप्रकाश विद्रोही ने रेवाड़ी नगर परिषद और शहर के विकास को लेकर किए जा रहे दावों पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि राव इंद्रजीत सिंह द्वारा विभिन्न विकास कार्यों के उद्घाटन और घोषणाएं तो होती रहती हैं, लेकिन आम नागरिकों को वह विकास नजर नहीं आता, जिसकी बात की जाती है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि शायद कुछ लोगों के पास ऐसी ‘विशेष दृष्टि’ है, जिससे उन्हें अदृश्य विकास दिखाई देता है, जबकि आम रेवाड़ीवासी आंखें खोलकर देखने के बाद भी बुनियादी सुविधाओं से जूझ रहा है।Rewari Aiims Update
विद्रोही ने अपने अनुभव का उदाहरण देते हुए बताया कि वे पिछले छह वर्षों से सेक्टर-4 के विद्रोही कुंज में रह रहे हैं। इस दौरान उन्होंने अपनी गली के निर्माण, मरम्मत और घर के सामने बने जर्जर पार्क की सुध लेने के लिए नगर परिषद, प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और यहां तक कि केंद्रीय मंत्री तक से कई बार व्यक्तिगत रूप से गुहार लगाई, लेकिन आज तक न गली बनी और न ही पार्क की मरम्मत हो सकी।Rewari Aiims Update
उनका कहना है कि अगर शहर का विकास वास्तव में हो रहा है, तो वह विकास कहां हो रहा है और किन लोगों तक पहुंच रहा है, यह सवाल आज भी अनुत्तरित है। माजरा एम्स और रेवाड़ी के विकास के दावों के बीच खड़ा यह सवाल अब सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे शहर की भावना को सामने लाता है।
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