सर्दियों का सुपरफूड: क्यों तिल बन गया इम्युनिटी, दिल और स्किन का सबसे बड़ा साथी?

सर्दियां दस्तक दे चुकी हैं और इसी मौसम में एक साधारण-सी दिखने वाली चीज अचानक से घर-घर में ‘सीज़नल सुपरफूड’ बन जाती है—तिल। रसोई में अक्सर सिर्फ स्वाद बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला तिल अब हेल्थ एक्सपर्ट्स और आयुर्वेदिक वैद्यों की चर्चा का केंद्र बना हुआ है। नई वैज्ञानिक रिपोर्टों और पारंपरिक ज्ञान के मेल से तिल को इस मौसम का सबसे भरोसेमंद नेचुरल बूस्टर माना जा रहा है।

तिल की खासियत यह है कि यह शरीर को भीतर से गर्म रखने की क्षमता रखता है। आयुर्वेद में इसे सर्दी से बचाने वाला प्राकृतिक कवच बताया गया है, जो मौसम बदलने से होने वाली थकान, जकड़न और कमजोर इम्युनिटी को दूर रखने में मदद करता है। वैद्यों का कहना है कि तिल ‘सर्वदोष हारा’ है, यानी यह शरीर के वात और कफ को संतुलित कर उन समस्याओं पर रोक लगाता है, जो ठंड में सबसे ज्यादा परेशान करती हैं—जोड़ों का दर्द, कब्ज और शरीर में ठंडक।

इसी बीच, वैज्ञानिक रिसर्च भी तिल के पारंपरिक फायदों पर मुहर लगाती दिख रही है। विशेषज्ञों के अनुसार तिल में मौजूद प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाते हैं और चेहरे को ग्लोइंग बनाए रखते हैं। यही वजह है कि कई स्किन एक्सपर्ट इसका सेवन सर्दियों में अनिवार्य बताते हैं। सेसामिन और सेसामोलिन जैसे तत्व शरीर की सूजन कम करने के साथ दिल की सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद हैं।

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दिल के मरीजों के लिए भी यह सुपरफूड किसी वरदान से कम नहीं। तिल में पाया जाने वाला अनसैचुरेटेड फैटी एसिड खराब कोलेस्ट्रॉल को घटाता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसे जोखिम कम होते हैं। वहीं पोषण विशेषज्ञ कहते हैं कि तिल सर्दियों में ऊर्जा का सबसे आसान और प्राकृतिक स्रोत है, क्योंकि इसमें प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन और मैग्नीशियम की मात्रा शरीर को तुरंत ताकत देती है।

महिलाओं और बुजुर्गों में हड्डियों की कमजोरी दूर करने में भी तिल अहम भूमिका निभाता है। आयरन एनीमिया के खतरे को घटाता है, जबकि इसके नियमित सेवन से पाचन बेहतर होता है और कब्ज की समस्या से राहत मिलती है।

दिलचस्प यह है कि तिल सिर्फ खाने में ही नहीं, बल्कि उपचार में भी वर्षों से भरोसे का हिस्सा रहा है। आयुर्वेद में तिल का तेल जोड़ों के दर्द, मांसपेशियों की जकड़न और गठिया में राहत देने के लिए विशेष रूप से सुझाया जाता है। वैज्ञानिक शोध भी यह साबित कर चुके हैं कि तिल शरीर में सूजन कम करता है और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है।

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जैसे-जैसे तापमान गिर रहा है, तिल एक बार फिर हर उम्र के लोगों के लिए सर्दियों का परफेक्ट हेल्थ साथी बनकर सामने आया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह छोटी-सी प्राकृतिक चीज आज भी उतनी ही शक्तिशाली है, जितनी सदियों पहले बताई गई थी—सिर्फ जरूरत है इसे अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने की।

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