बांग्लादेश संकट के बीच भारत-बांग्लादेश सीमा पर BSF की सख्ती, निगरानी और समन्वय बढ़ाया

बांग्लादेश में जारी हिंसा और राजनीतिक अस्थिरता के बीच BSF ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर निगरानी तेज कर दी है। उत्तर-पूर्वी राज्यों में सतर्कता बढ़ाई गई है जबकि त्रिपुरा सरकार और सेना भी हालात पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। मौजूदा समय में हालात पर नजर रखनी जरुरी बताई जा रही है।

  • बांग्लादेश संकट: सीमा पर बीएसएफ अलर्ट और गश्त बढ़ाई
  • घुसपैठ रोकने की हर संभव कोशिश
  • बांग्लादेश एजेंसी से तालमेल और त्रिपुरा में कड़ी नजर
  • सेना-राज्यपाल ने दौरा किया और कहा कानून-व्यवस्था पर जीरो टॉलरेंस

Indo-Bangla Border BSF Alert: बांग्लादेश में जारी उथल-पुथल के बीच भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और बढ़ा दी गई है। अधिकारियों के मुताबिक सीमा पर किसी अतिरिक्त बल की तैनाती नहीं की गई है लेकिन निगरानी और गश्त को पहले से कहीं ज्यादा सख्त किया गया है ताकि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

सीमा सुरक्षा बल (Border Security Force) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पड़ोसी देश बांग्लादेश में हालिया हिंसा के बाद अंतरराष्ट्रीय सीमा पर डोमिनेशन और चौकसी को और मजबूत किया गया है। खासतौर पर राजधानी ढाका में हालात बिगड़ने के बाद सुरक्षा व्यवस्था की लगातार समीक्षा की जा रही है।

अधिकारी के मुताबिक जून-जुलाई से शुरू हुई हिंसा और 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना के नेतृत्व वाली आवामी लीग सरकार के पतन के बाद से ही सीमा पर सतर्कता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि अब तक सीमा के दोनों ओर किसी बड़ी घटना की सूचना नहीं है।

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बीएसएफ अधिकारी ने बताया कि सीमा प्रबंधन को लेकर बांग्लादेश की सीमा सुरक्षा एजेंसी के साथ समन्वय भी बढ़ाया गया है। सेक्टर कमांडर से लेकर बटालियन, कंपनी और बॉर्डर आउट पोस्ट स्तर तक नियमित बैठकें और संपर्क बनाए रखे जा रहे हैं ताकि किसी भी मुद्दे का तुरंत समाधान हो सके और आपसी तालमेल मजबूत बना रहे।

भारत-बांग्लादेश सीमा का बड़ा हिस्सा उत्तर-पूर्वी राज्यों से होकर गुजरता है। त्रिपुरा, मेघालय, मिजोरम और असम मिलकर करीब 1,880 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करते हैं जिसे अवैध आवाजाही, घुसपैठ और तस्करी के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। इसी कारण इन इलाकों में सुरक्षा एजेंसियां अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं।

इस बीच त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने राजधानी में उच्चस्तरीय कानून-व्यवस्था समीक्षा बैठक के बाद कहा कि बांग्लादेश से जुड़े घटनाक्रमों, साम्प्रदायिक तत्वों और दलालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। उन्होंने साफ किया कि राज्य में कानून-व्यवस्था से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

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मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि फिलहाल त्रिपुरा में बांग्लादेश से बड़े पैमाने पर घुसपैठ के मामले सामने नहीं आए हैं हालांकि भारतीय सीमा से बाहर जाने की कुछ घटनाएं दर्ज की गई हैं।

माणिक साहा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घुसपैठ के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने यह भी माना कि दुर्गम भूभाग और कुछ बिना बाड़ वाले इलाकों के कारण सीमा की निगरानी चुनौतीपूर्ण है, ऐसे क्षेत्रों में बीएसएफ को अतिरिक्त सतर्क रहना पड़ता है।

बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति के मद्देनज़र भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी हाल ही में मिजोरम और त्रिपुरा के सीमावर्ती इलाकों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था और तैयारियों का जायजा लिया। इसके अलावा त्रिपुरा के राज्यपाल इंद्र सेन रेड्डी नल्लू ने भी पिछले सप्ताह सीमा क्षेत्रों का दौरा कर स्थानीय लोगों और सुरक्षा बलों से बातचीत की।

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