भारत का डिजिटल धमाका! 4G में पीछे थे पर 6G में दुनिया को नचाएगा इंडिया, सिंधिया ने लोकसभा में बताया पूरा मास्टरप्लान
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लोकसभा में भारत की डिजिटल शक्ति का हुंकार भरा। उन्होंने बताया कि कैसे भारत 4G के दौर की पिछड़न को पीछे छोड़ अब 6G में दुनिया का नेतृत्व करने को तैयार है। 5G के रिकॉर्ड विस्तार और 100 करोड़ ब्रॉडबैंड कनेक्शन के साथ भारत ने ग्लोबल बेंचमार्क सेट किया है।
नई दिल्ली: कभी तकनीक के लिए दुनिया का मुंह ताकने वाला भारत अब ग्लोबल डिजिटल मैप पर ‘ड्राइवर सीट’ पर आ गया है। लोकसभा में बुधवार को केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जो आंकड़े और विजन पेश किया, वह इस बात की गवाही देता है कि भारत अब तकनीक का पिछलग्गू नहीं, बल्कि पथ-प्रदर्शक बन चुका है। सिंधिया ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “हमने 4G में दुनिया का अनुसरण किया, 5G में दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चले, लेकिन 6G में भारत पूरी दुनिया का नेतृत्व करेगा।”
22 महीने और 99% देश कवर – 5G की सुनामी: सिंधिया ने सदन को बताया कि भारत ने दुनिया की सबसे तेज़ 5G रोलआउट प्रक्रिया पूरी की है। महज़ 22 महीनों के भीतर देश के 99.9% जिलों में 5G की लहर पहुँच चुकी है। यह कोई साधारण उपलब्धि नहीं है; इसके पीछे 4 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश और 5 लाख से अधिक बेस ट्रांसीवर स्टेशनों (BTS) का जाल बिछाया गया है।
वर्तमान में 40 करोड़ भारतीय 5G की रफ़्तार का अनुभव कर रहे हैं, और सरकार का लक्ष्य 2030 तक इस आंकड़े को 100 करोड़ (1 बिलियन) तक ले जाने का है।
इसे भी पढ़ें: UP Budget 2026: योगी सरकार का 9 लाख करोड़ का दांव, क्या आपकी जेब और भविष्य के लिए है इसमें कुछ खास?
ब्रॉडबैंड का ‘शतक’ और ग्रामीण क्रांति: सिंधिया ने एक दशक पहले और आज के भारत के बीच का अंतर भी स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि 10 साल पहले देश में सिर्फ 6 करोड़ ब्रॉडबैंड कनेक्शन थे, जो आज बढ़कर 100 करोड़ के जादुई आंकड़े को छू चुके हैं। यह क्रांति केवल महानगरों तक सीमित नहीं है। वाई-फाई हॉटस्पॉट के विस्तार ने ग्रामीण भारत की सूरत बदल दी है, जिसमें महाराष्ट्र जैसे राज्य सबसे आगे चल रहे हैं।
ग्लोबल इंडेक्स में भारत की ऊंची छलांग: केवल दावों में ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय मानकों पर भी भारत का लोहा माना जा रहा है। वाशिंगटन स्थित पोर्टुलन्स इंस्टीट्यूट की ‘नेटवर्क रेडिनेस इंडेक्स 2025’ (NRI) रिपोर्ट में भारत ने 4 पायदान की छलांग लगाकर 45वां स्थान हासिल किया है। भारत का स्कोर 53.63 से बढ़कर 54.43 हो गया है, जो यह दर्शाता है कि हमारा डिजिटल बुनियादी ढांचा न केवल फैल रहा है, बल्कि मज़बूत भी हो रहा है।
पीएम मोदी का विजन और बदलती ज़िंदगी: मंत्री ने इस पूरी सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को देते हुए कहा कि आज तकनीक गांव-गांव पहुँचकर शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के नए रास्ते खोल रही है। अब भारत तकनीक अपनाने वाला देश नहीं, बल्कि तकनीक बनाने वाला देश बन चुका है।
इसे भी पढ़ें: उज्जैन में विकास का महाकुंभ: CM मोहन यादव ने दी ₹1133 करोड़ की सौगात, अब 2055 तक नहीं प्यासा रहेगा महाकाल का शहर
इस श्रेणी की और खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें: भारत



