लेह-लद्दाख हिंसा: गृह मंत्रालय ने सोनम वांगचुक पर लगाया भीड़ भड़काने का आरोप
गृह मंत्रालय ने दावा किया है कि सोनम वांगचुक फरवरी 2025 में इस्लामाबाद गए थे और वहां उन्होंने पाकिस्तान समर्थित एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इसके अलावा, उनके द्वारा पूर्व में प्रभु श्रीराम और माता सीता को लेकर दिए गए विवादित बयान भी चर्चा में रहे थे। मंत्रालय का कहना है कि इन घटनाओं ने उनकी मंशा पर संदेह खड़ा कर दिया है और लद्दाख में तनाव को हवा दी है।
नई दिल्ली: लेह-लद्दाख में हुई हिंसक घटना को लेकर गृह मंत्रालय ने बड़ा बयान जारी किया है। मंत्रालय ने पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पर आरोप लगाया है कि उनकी भड़काऊ बयानबाजी और नेतृत्व के कारण हाल ही में हुई हिंसा भड़की, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई और 70 से अधिक लोग घायल हुए। मंत्रालय के अनुसार वांगचुक ने भीड़ को उकसाया जिसके बाद लद्दाख में हालात बेकाबू हो गए।
फरवरी में पाकिस्तान दौरा और विवादास्पद बयान
गृह मंत्रालय ने दावा किया है कि सोनम वांगचुक फरवरी 2025 में इस्लामाबाद गए थे जहां उन्होंने पाकिस्तान समर्थित एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इसके अलावा उनके द्वारा पहले प्रभु श्री राम और माता सीता के खिलाफ की गई टिप्पणियों ने भी विवाद खड़ा किया था। मंत्रालय का कहना है कि इन घटनाओं ने उनकी मंशा पर सवाल उठाए हैं जिससे लद्दाख में तनाव और बढ़ा।
हिंसा के बाद एक सवाल अब आम पब्लिक के सामने खड़ा नजर आ रहा है कि क्या वांगचुक पर UAPA और NSA लगे?
लद्दाख में हुई हिंसा के बाद सोशल मीडिया पर वांगचुक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। कई यूजर्स और स्थानीय लोगों का कहना है कि उनके भड़काऊ भाषणों ने स्थिति को गंभीर बना दिया।
अब सवाल उठ रहा है कि क्या उनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) लागू किया जाना चाहिए। इस बीच स्थानीय प्रशासन ने हालात पर काबू पाने के लिए कर्फ्यू जैसे कदम उठाए हैं। मौजूदा हालात की अगर बात करें तो अभी मामला शांत है लेकिन पिछले 2 – 3 दिन के घटनाक्रम पर नजर डालें तो वांगचुक की संलिप्तता पूरी तरह से नजर आ रही है।
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