नया उपराष्ट्रपति, नई सुविधाएं: जानिए कितनी मिलती है सैलरी और क्या क्या सुविधा
देश में आज उपराष्ट्रपति चुनाव के बाद सी.पी. राधाकृष्णन ने जीत हासिल की. वे अब भारत के नए उपराष्ट्रपति होंगे. यह पद देश का दूसरा सबसे बड़ा संवैधानिक पद है लेकिन क्या आप जानते हैं कि उपराष्ट्रपति को नियमित सैलरी नहीं मिलती? आइए जानते हैं कि इस पद पर क्या-क्या सुविधाएं और भत्ते मिलते हैं.
उपराष्ट्रपति को सैलरी नहीं – भत्ते मिलते हैं
उपराष्ट्रपति को कोई निश्चित वेतन नहीं दिया जाता. उनकी आय राज्यसभा के सभापति के रूप में मिलने वाली सैलरी से आती है जो 4 लाख रुपये प्रति माह है. यह राशि सैलरी और अलाउंसेस ऑफ ऑफिसर्स ऑफ पार्लियामेंट एक्ट, 1953 के तहत तय की जाती है. इसके अलावा उपराष्ट्रपति को कई शानदार सुविधाएं भी मिलती हैं.
मिलने वाली सुविधाएं
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मुफ्त आवास: दिल्ली के लुटियंस जोन में एक शानदार बंगला, जिसका कोई किराया नहीं देना पड़ता.
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यात्रा भत्ता: देश-विदेश की यात्राओं का पूरा खर्च सरकार वहन करती है. विदेशी दौरों पर उच्च-स्तरीय प्रोटोकॉल और स्वागत की सुविधा भी मिलती है.
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सुरक्षा: Z+ सिक्योरिटी कवर, SPG और हाई फोर्स सिक्योरिटी के साथ बुलेटप्रूफ गाड़ियां. यात्रा के लिए एयरफोर्स के प्लेन और हेलीकॉप्टर भी उपलब्ध होते हैं.
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स्टाफ और कार्यालय: निजी सचिव, पर्सनल स्टाफ और स्वतंत्र उपराष्ट्रपति दफ्तर.
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चिकित्सा सुविधाएं: उपराष्ट्रपति और उनके परिवार को मुफ्त चिकित्सा सुविधाएं.
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पेंशन: पद छोड़ने के बाद मासिक पेंशन, सरकारी आवास, गाड़ी और ड्राइवर की सुविधा.
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की पेंशन
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को चार अलग-अलग पदों के लिए पेंशन मिलेगी:
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राज्यसभा के पूर्व सभापति: 2 लाख रुपये प्रति माह.
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पूर्व सांसद: 45,000 रुपये प्रति माह.
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राजस्थान के पूर्व विधायक: 42,000 रुपये प्रति माह.
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पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल: 25,000 रुपये प्रति माह.
कुल मिलाकर धनखड़ को हर महीने 3 लाख 12 हजार रुपये की पेंशन मिलेगी. इसके अलावा उन्हें टाइप 8 का सरकारी बंगला, रखरखाव, गाड़ी और Z या Z+ सिक्योरिटी भी मिलेगी. उपराष्ट्रपति का पद न केवल संवैधानिक रूप से महत्वपूर्ण है बल्कि यह राज्यसभा के सुचारू संचालन में भी अहम भूमिका निभाता है. सी.पी. राधाकृष्णन के सामने अब यह जिम्मेदारी होगी कि वे इस पद की गरिमा को बनाए रखें और देश की संसदीय प्रक्रिया को मजबूत करें.
भारत के उपराष्ट्रपतियों की सूची (1952-2025)
| क्र.सं. | उपराष्ट्रपति का नाम | कार्यकाल (से) | कार्यकाल (तक) |
|---|---|---|---|
| 1 | डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन | 13 मई 1952 | 12 मई 1962 |
| 2 | डॉ. जाकिर हुसैन | 13 मई 1962 | 12 मई 1967 |
| 3 | वराहगिरि वेंकट गिरि | 13 मई 1967 | 3 मई 1969 |
| 4 | गोपाल स्वरूप पाठक | 31 अगस्त 1969 | 30 अगस्त 1974 |
| 5 | बसप्पा दानप्पा जट्टी | 31 अगस्त 1974 | 30 अगस्त 1979 |
| 6 | मोहम्मद हिदायतुल्लाह | 31 अगस्त 1979 | 30 अगस्त 1984 |
| 7 | रामास्वामी वेंकटरमन | 31 अगस्त 1984 | 24 जुलाई 1987 |
| 8 | शंकर दयाल शर्मा | 3 सितंबर 1987 | 24 जुलाई 1992 |
| 9 | कोचेरिल रमन नारायणन | 21 अगस्त 1992 | 24 जुलाई 1997 |
| 10 | कृष्ण कांत | 21 अगस्त 1997 | 27 जुलाई 2002 |
| 11 | भैरों सिंह शेखावत | 19 अगस्त 2002 | 21 जुलाई 2007 |
| 12 | मोहम्मद हामिद अंसारी | 11 अगस्त 2007 | 10 अगस्त 2017 |
| 13 | एम. वेंकैया नायडू | 11 अगस्त 2017 | 10 अगस्त 2022 |
| 14 | जगदीप धनखड़ | 11 अगस्त 2022 | 21 जुलाई 2025 |
और अब भारत के 15वे उपराष्ट्रपति के रूप में जल्द ही सी.पी. राधाकृष्णन अपनी शपथ लेंगे. आपको बता दें की आज जो इस पद के लिए चुनाव में जीत दर्ज हुई है ये एक काफी बड़ी जीत मानी जा रही है और इस जीत को आगे चलकर प्रधानमंत्री चुनावों से भी जोड़कर देखा जा रहा है.
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