Bangladesh lynching case: मयमनसिंह में मारे गए हिंदू युवक पर लगे आरोपों का कोई सबूत नहीं, जांच में बड़ा खुलासा
बांग्लादेश के मयमनसिंह में हिंदू युवक की भीड़ द्वारा हत्या के मामले में जांच एजेंसियों ने कहा है कि धार्मिक भावनाएं आहत करने का कोई सबूत नहीं मिला। सोशल मीडिया पोस्ट या बयान की पुष्टि नहीं हो सकी, जबकि गिरफ्तारियों का दायरा बढ़ाया गया है।
Bangladesh lynching case: बांग्लादेश के मयमनसिंह में एक हिंदू युवक की नृशंस हत्या के मामले में अब बड़ा मोड़ सामने आया है। शुरुआती आरोपों के उलट, जांच एजेंसियों का कहना है कि युवक द्वारा किसी भी तरह की धार्मिक भावनाएं आहत करने वाली टिप्पणी किए जाने का कोई प्रत्यक्ष सबूत नहीं मिला है।
यह खुलासा ऐसे समय पर हुआ है जब 18 दिसंबर की रात हुई इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सवाल उठने लगे।
मयमनसिंह क्षेत्र में रैपिड एक्शन बटालियन की 14वीं यूनिट के कंपनी कमांडर मोहम्मद सम्सुज्जमान ने स्थानीय मीडिया को बताया कि मृतक के सोशल मीडिया अकाउंट की जांच की गई, लेकिन ऐसा कुछ भी सामने नहीं आया जिससे यह साबित हो कि उसने इस्लाम या किसी धार्मिक आस्था को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की हो।
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उनके मुताबिक न तो स्थानीय लोग और न ही गारमेंट फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारी किसी ऐसे बयान की पुष्टि कर पाए। अब तक कोई ऐसा व्यक्ति सामने नहीं आया है जिसने यह दावा किया हो कि उसने खुद युवक को धर्म के खिलाफ कुछ कहते सुना या देखा हो।
फैक्ट्री से बाहर निकाले जाने के बाद भड़की भीड़
अधिकारी ने बताया कि जब फैक्ट्री में हालात तनावपूर्ण होने लगे तो स्थिति को काबू में रखने के लिए युवक को जबरन फैक्ट्री से बाहर निकाल दिया गया। इसके बाद हालात बेकाबू हो गए और भीड़ ने युवक को घेर लिया।
आरोप है कि भीड़ ने पहले उसकी पीट-पीटकर हत्या की, फिर शव को पेड़ से लटकाया गया और आग के हवाले कर दिया गया। इस पूरी घटना ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गिरफ्तारी और पूछताछ का दायरा बढ़ा
घटना के वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने कार्रवाई तेज की। पहले चरण में दो लोगों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के आधार पर बाद में पांच और संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया।
मयमनसिंह के एएसपी मोहम्मद अब्दुल्ला अल मामुन ने बताया कि इसके अलावा तीन अन्य लोगों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और जांच अभी जारी है।
अंतरराष्ट्रीय संगठनों को सताने लगा डर
आपकी जानकारी के लिए बता दें की बांग्लादेश में हुए इस जघन्य अपराध को लेकर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिक्रिया सामने आने लगी है। हिंदू अधिकारों से जुड़े वैश्विक संगठन Coalition of Hindus of North America ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। संगठन ने कहा है कि बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय और मीडिया की चुप्पी चिंता बढ़ाने वाली है।
संगठन का दावा है कि यह घटना किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है बल्कि यह उस डर और असुरक्षा को दिखाती है जिसका सामना वहां हिंदू समुदाय लगातार कर रहा है।
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