Imran Khan Health Crisis: क्या जेल की कालकोठरी में खो रही है इमरान की आंखों की रोशनी? 90 मिनट का ‘हाई-वोल्टेज’ मेडिकल टेस्ट और सोमवार को सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला!
अदियाला जेल में बंद इमरान खान की आंखों की रोशनी को लेकर चौंकाने वाला खुलासा। सिर्फ 15% विजन बचने के दावों के बीच 90 मिनट चला हाई-टेक मेडिकल टेस्ट। अब सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि इमरान खान जेल में रहेंगे या अस्पताल जाएंगे। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
इस्लामाबाद/रावलपिंडी: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई (PTI) प्रमुख इमरान खान के लिए आने वाला सोमवार उनकी सियासी जिंदगी ही नहीं, बल्कि उनकी सेहत के लिहाज से भी सबसे बड़ा ‘फैसला’ लेकर आने वाला है। रावलपिंडी की अदियाला जेल की सलाखों के पीछे बंद इमरान खान इस वक्त एक गंभीर स्वास्थ्य संकट से जूझ रहे हैं, जिसने पूरे पाकिस्तान के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है।
अंधेरे की आहट और 90 मिनट का सस्पेंस
पिछले कुछ दिनों से इमरान खान की आंखों को लेकर जो दावे किए जा रहे हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। उनके वकीलों ने दावा किया है कि इमरान की आंखों की रोशनी महज 15 फीसदी रह गई है और आंखों में गंभीर सूजन है। इसी चिंताजनक स्थिति को देखते हुए पाकिस्तान के टॉप सर्जन्स और विशेषज्ञों की एक टीम ने अदियाला जेल के भीतर ही एक ‘इमर्जेंसी’ मेडिकल सेटअप तैयार किया।
सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) के डॉक्टर आरिफ और अल-शिफा आई ट्रस्ट के डॉक्टर नदीम कुरैशी ने करीब डेढ़ घंटे (90 मिनट) तक इमरान खान की सघन जांच की। जेल के भीतर ही स्लिट लैंप और ऑप्टिकल कोहेरेंस टोमोग्राफी (OCT) जैसी एडवांस मशीनों का इस्तेमाल किया गया, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आंखों के रेटिना और नसों में कोई स्थाई नुकसान तो नहीं हुआ है।
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राजनीतिक भूचाल और मानवीय पहलू
इमरान खान का यह मेडिकल चेकअप सिर्फ एक रूटीन प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह पाकिस्तान की राजनीति में एक नए तूफान का संकेत है। एक तरफ समर्थक सड़कों पर हैं और ‘कप्तानी’ की सलामती की दुआएं मांग रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकार का दावा है कि उन्हें जेल नियमावली के तहत सर्वश्रेष्ठ सुविधाएं दी जा रही हैं।
हालांकि 15% रोशनी का दावा अगर मेडिकल रिपोर्ट में सच साबित होता है तो यह पाकिस्तान सरकार के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकारों के उल्लंघन का बड़ा मुद्दा बन सकता है।
सोमवार: जेल या अस्पताल?
अब सबकी निगाहें पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हैं। सोमवार को अदालत मेडिकल रिपोर्ट की बारीकी से समीक्षा करेगी। यह रिपोर्ट ही तय करेगी कि इमरान खान को अदियाला जेल की तंग कोठरी में ही रखा जाएगा या फिर उन्हें तत्काल प्रभाव से किसी सर्वसुविधायुक्त अस्पताल में शिफ्ट किया जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला पाकिस्तान की आने वाली राजनीति की दिशा तय करेगा। क्या ‘कप्तान’ को राहत मिलेगी या उनकी मुश्किलें और बढ़ेंगी, इसका जवाब सोमवार को रिपोर्ट की फाइलों में छिपा है।
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