भारत-अफगानिस्तान की दोस्ती से पाकिस्तान बौखलाया: कश्मीर पर बयान से बढ़ी तल्खी

नई दिल्ली. भारत और अफगानिस्तान के बीच बढ़ती नजदीकियों ने पाकिस्तान की बेचैनी बढ़ा दी है. अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी के भारत दौरे और दोनों देशों के संयुक्त बयान ने पाकिस्तान को तीखी प्रतिक्रिया देने पर मजबूर कर दिया है. इस बयान में जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न हिस्सा बताने और आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख पर पाकिस्तान ने कड़ी आपत्ति जताई है.

कश्मीर पर बयान से पाकिस्तान नाराज

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा बताना संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन है. पाकिस्तान ने इसे कश्मीर के लोगों के संघर्ष के प्रति असंवेदनशील करार दिया. बयान में यह भी दावा किया गया कि अफगानिस्तान की धरती से पाकिस्तान के खिलाफ आतंकी गतिविधियां हो रही हैं, जिसे अफगान तत्वों का समर्थन प्राप्त है.

भारत-अफगानिस्तान का संयुक्त बयान

10 अक्टूबर को भारत और अफगानिस्तान ने एक संयुक्त बयान जारी किया था जिसमें जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की गई. इस हमले में 26 लोगों की जान गई थी. दोनों देशों ने आतंकवाद के सभी रूपों की भर्त्सना करते हुए क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने की बात कही.

मुत्तकी का पाकिस्तान पर निशाना

अफगान विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी ने अपने सात दिवसीय भारत दौरे के दौरान कहा, “आतंकवाद पाकिस्तान की आंतरिक समस्या है. हमें लगता है कि पाकिस्तान ने गलत रास्ता चुना है. समस्याओं का समाधान बातचीत से होता है, न कि आरोप-प्रत्यारोप से.” उन्होंने यह भी जोड़ा कि अफगानिस्तान में 40 साल बाद शांति स्थापित हुई है और वह इस शांति को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है.

पाकिस्तान की बौखलाहट की वजह

मुत्तकी के इस बयान और भारत-अफगानिस्तान के संयुक्त रुख ने पाकिस्तान को असहज कर दिया है. पाकिस्तान का दावा है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल उसके खिलाफ हो रहा है, लेकिन मुत्तकी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. भारत और अफगानिस्तान के बीच मजबूत होते रिश्ते और आतंकवाद के खिलाफ साझा रुख ने पाकिस्तान की चिंता को और बढ़ा दिया है.

भारत-अफगानिस्तान के रिश्तों की अहमियत

मुत्तकी का यह दौरा दोनों देशों के बीच व्यापार, सुरक्षा और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है. भारत ने हमेशा से अफगानिस्तान के पुनर्निर्माण और शांति प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. दोनों देशों ने इस दौरे में क्षेत्रीय स्थिरता और आपसी विश्वास बढ़ाने पर जोर दिया.

पाकिस्तान की तीखी प्रतिक्रिया के बावजूद भारत और अफगानिस्तान अपने रिश्तों को और गहरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों का यह साझा रुख न केवल क्षेत्रीय शांति के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में भी अहम भूमिका निभा सकता है.

News End

Click here to read more news in this category: International

Rajveer singh

राजवीर सिंह एक पेशेवर कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता का अनुभव है और स्थानीय, सामुदायिक और अंतर्राष्ट्रीय घटनाओं की गहरी समझ रखते हैं। वे अपने ज्ञान का उपयोग न केवल अपनी शैक्षणिक पृष्ठभूमि, बल्कि अपनी प्रत्यक्ष समझ के आधार पर जानकारीपूर्ण लेख लिखने में करते हैं। वे केवल सूचना देने के लिए नहीं, बल्कि आवाज़ उठाने के लिए भी लिखते हैं।
फीडबैक या शिकायत के लिए: newsdesk@nflspice.com

Related Stories