शेख हसीना के इंटरव्यू से बांग्लादेश में खलबली, भारतीय डिप्टी हाई कमिश्नर को तलब कर जताई नाराजगी!

ढाका/नई दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भारत से ही बांग्लादेश की अंतरिम सरकार पर जो तीखा हमला बोला है, उससे दोनों देशों के रिश्तों में तनाव साफ दिख रहा है।

हसीना के इंटरव्यू के महज कुछ घंटे बाद ही ढाका ने भारतीय डिप्टी हाई कमिश्नर पवन बढे को तलब कर कड़ी आपत्ति जताई। सूत्रों के मुताबिक बांग्लादेश सरकार को हसीना के बयानों से काफी बौखलाहट हुई है।

हसीना का यूनुस सरकार पर सीधा वार: “कट्टरपंथियों के भरोसे चल रही सरकार”

बुधवार को पीटीआई को दिए ईमेल इंटरव्यू में शेख हसीना ने कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने साफ कहा, “मोहम्मद यूनुस कमजोर, अराजक और चरमपंथियों पर निर्भर नेता हैं। उनकी भारत विरोधी नीतियां बेवकूफाना और खुद का नुकसान करने वाली हैं।”

हसीना ने तो यहां तक कह डाला कि यूनुस सरकार चरमपंथी ताकतों को खुलेआम बढ़ावा दे रही है और भारत से रिश्ते जानबूझकर खराब कर रही है।

“भारत हमारा सबसे बड़ा दोस्त था, है और रहेगा” – हसीना ने भारतीयों को दिया भरोसा

भारत के लोगों को आश्वस्त करते हुए हसीना ने कहा, “वर्तमान अंतरिम सरकार बांग्लादेश की जनता की सोच नहीं दिखाती। भारत हमारा सबसे अहम साझेदार रहा है और रहेगा। मुझे पूरा यकीन है कि हमारे मजबूत रिश्ते इन नीतियों से प्रभावित नहीं होंगे।”

उनका इशारा साफ था – यूनुस सरकार अल्पसंख्यकों पर अत्याचार कर रही है और संविधान को कमजोर कर रही है।

वापसी कब? हसीना बोलीं – “लोकतंत्र बहाल हुआ तो ही लौटूंगी”

भारत में शरण लिए बैठी 77 साल की हसीना ने साफ कर दिया कि वो तब तक बांग्लादेश नहीं लौटेंगी जब तक लोकतंत्र बहाल नहीं होता, अवामी लीग पर प्रतिबंध नहीं हटता और स्वतंत्र चुनाव नहीं होते।

उन्होंने पिछले साल के तख्तापलट को “दुर्भाग्यपूर्ण” बताया और माना कि उनकी सरकार हालात पर काबू नहीं रख पाई। हालांकि, उन्होंने कुछ छात्र नेताओं को राजनीतिक कार्यकर्ता बताकर प्रदर्शनों को भड़काने का आरोप भी लगाया।

चुनाव बहिष्कार की न्यूज खारिज, लेकिन दी बड़ी चेतावनी

हसीना ने उन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया कि उन्होंने फरवरी 2025 के चुनावों के बहिष्कार की अपील की है। लेकिन चेतावनी भरे लहजे में कहा, “अगर अवामी लीग को बाहर रखा गया तो चुनाव वैध नहीं माने जाएंगे। करोड़ों लोग हमारा समर्थन करते हैं, देश को जनता की सहमति से चलने वाला नेतृत्व चाहिए।”

“कंगारू ट्रिब्यूनल चला रहे हैं विरोधी” – ICC में केस की चुनौती

अपने खिलाफ चल रहे इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल के केस को हसीना ने “राजनीतिक बदला” बताया। उन्होंने इसे “कंगारू कोर्ट” करार देते हुए कहा, “अगर यूनुस सरकार सच में ईमानदार है तो ICC में केस करो। वो ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि उन्हें पता है कि निष्पक्ष अदालत मुझे बरी कर देगी।”

पश्चिमी देश भी छोड़ रहे यूनुस का साथ?

हसीना ने दावा किया कि पहले यूनुस को कुछ पश्चिमी देशों का समर्थन था, लेकिन अब वो भी पीछे हट रहे हैं क्योंकि यूनुस ने कट्टरपंथियों को सत्ता में जगह दी, अल्पसंख्यकों पर जुल्म ढाए और संविधान को ताक पर रख दिया।

क्या है पूरा बैकग्राउंड? एक नजर में

पिछले साल जून में बांग्लादेश हाईकोर्ट ने नौकरियों में 30% कोटा फिर से लागू किया था, जो स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों के लिए था। हसीना सरकार ने इसे खत्म कर दिया था, लेकिन कोर्ट के फैसले के बाद छात्र सड़कों पर उतर आए। देखते-देखते ये आंदोलन हसीना के इस्तीफे की मांग तक पहुंच गया।

5 अगस्त 2024 को भीड़ ने उनके आवास पर हमला कर दिया। उससे पहले ही हसीना हेलिकॉप्टर से भारत भाग आई थीं। इसके बाद 20 साल पुरानी अवामी लीग सरकार गिर गई और नोबेल विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनी।

अब आगे क्या?

बांग्लादेश में फरवरी 2025 में चुनाव प्रस्तावित हैं, लेकिन अवामी लीग पर बैन और हसीना पर मुकदमों के बीच सियासी संकट गहराता जा रहा है। हसीना का ताजा इंटरव्यू यूनुस सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। भारत-बांग्लादेश रिश्तों पर भी सबकी नजरें टिकी हैं।

News End

Click here to read more news in this category: International

NFLSpice News

NFL Spice News is India's fastest growing online news website operating from Haryana's Rewari district.It was established in early 2023.News related to farmers, business, entertainment, sports world as well as politics and major news of Haryana state are also published on the portal.
फीडबैक या शिकायत के लिए: newsdesk@nflspice.com

Related Stories