हरियाणा मौसम अपडेट: 6 जिलों में बढ़ा रात का पारा, बारिश की चेतावनी के बीच हिसार में ठंड से बुजुर्ग की मौत

- पारा बढ़ने के साथ बारिश की आहट, हरियाणा के छह जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट
- हिसार में सर्दी का कहर, खेत में मिला बुजुर्ग किसान का शव, लाडवा गांव में मातम
- 25 जनवरी के बाद बदलेगा मौसम का मिजाज, तीन पश्चिमी विक्षोभ होंगे सक्रिय
हरियाणा में कुदरत के तेवर इन दिनों हर किसी को उलझा रहे हैं। एक तरफ जहां सूरज की लुका-छिपी के बीच रात की ठंड में मामूली नरमी महसूस हो रही है, वहीं दूसरी तरफ यही बदलता मिजाज आने वाली किसी बड़ी हलचल का इशारा दे रहा है।
मौसम विभाग की मानें तो प्रदेश के छह जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी ऊपर चला गया है जिसे आने वाली बारिश का पक्का संकेत माना जा रहा है। लेकिन इस बदलती आबोहवा के बीच एक दुखद खबर हिसार से आई है, जहां कड़ाके की ठंड ने एक और घर का चिराग बुझा दिया है।
हिसार के गांव लाडवा में सन्नाटा पसरा हुआ है। यहां के रहने वाले 72 वर्षीय बुजुर्ग महेंद्र सिंह का शव उनके खेत में मिला। जब तक घरवाले और गांव के लोग कुछ समझ पाते, तब तक काफी देर हो चुकी थी। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट ने पुष्टि कर दी है कि महेंद्र की जान किसी बीमारी ने नहीं, बल्कि इस हाड़ कंपा देने वाली सर्दी ने ली है।
हिसार में ठंड से मौत का यह दूसरा मामला है, जिसने प्रशासन और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। यह घटना हमें याद दिलाती है कि भले ही थर्मामीटर का पारा थोड़ा ऊपर-नीचे हो रहा हो, लेकिन खुले आसमान के नीचे खड़ी ठंड अब भी जानलेवा बनी हुई है।
बादलों की ओट में छिपा है बारिश का संदेश
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि रात के तापमान में जो बढ़ोतरी दिख रही है, वह असल में सुकून की खबर नहीं बल्कि बादलों की मौजूदगी का असर है। जब आसमान में बादल छाते हैं तो धरती की गर्मी बाहर नहीं निकल पाती और रातें थोड़ी गर्म महसूस होने लगती हैं। इसी वजह से हिसार, रोहतक, सिरसा, फरीदाबाद, गुरुग्राम और अंबाला जैसे जिलों में रात का पारा अचानक चढ़ गया है। आंकड़ों पर गौर करें तो इन इलाकों में न्यूनतम तापमान में औसतन आठ डिग्री तक का उछाल देखा गया है।
यह कोई सामान्य बदलाव नहीं है। मौसम विभाग के मुताबिक इस समय एक साथ तीन पश्चिमी विक्षोभ यानी वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो रहे हैं। इनका असर सीधे तौर पर हमारे मौसम पर पड़ने वाला है।
जानकारों की मानें तो 25 जनवरी के बाद प्रदेश के कई हिस्सों में छिटपुट बूंदाबांदी या हल्की बारिश हो सकती है। खासतौर पर उन छह जिलों में जहां पारा चढ़ा हुआ है, वहां पहले चरण में बारिश होने की पूरी संभावना बनी हुई है।
किसान और आम जन के लिए सावधानी ही बचाव
भले ही दिन में धूप थोड़ी राहत दे रही हो लेकिन मौसम का यह दोस्ताना व्यवहार छलावा भी हो सकता है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि दिन के तापमान में अभी कोई बड़ा उलटफेर नहीं होने वाला है। यानी धूप निकलने के बावजूद हवाओं में वही चुभन बरकरार रहेगी।
प्रशासन ने खासतौर पर बुजुर्गों और बच्चों को सुबह-सवेरे और देर रात बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। यह वक्त सेहत के लिहाज से बेहद नाजुक है, क्योंकि तापमान का यह उतार-चढ़ाव शरीर को जल्दी बीमार कर सकता है।
खेती-किसानी के मोर्चे पर भी विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को मशविरा दिया है कि वे फिलहाल अपनी फसलों पर किसी भी तरह का कीटनाशक या स्प्रे न करें। जब आसमान में बादल हों और बारिश की संभावना बनी हो तो दवाओं का असर कम हो जाता है और मेहनत बेकार जाने का डर रहता है। फिलहाल प्रदेश की निगाहें आसमान पर टिकी हैं कि कब ये बादल बरसेंगे और कब इस जानलेवा सूखी ठंड से राहत मिलेगी।



