आधार कार्ड में नाम बदलवाना हुआ मुश्किल, UIDAI ने बड़े बदलावों पर बढ़ाई सख्ती
आधार कार्ड में नाम बदलने के नियम अब सख्त हो गए हैं। UIDAI ने बड़े बदलावों के लिए गजट नोटिफिकेशन जैसे मजबूत कानूनी दस्तावेज जरूरी कर दिए हैं। नियम न मानने पर आधार अपडेट से लेकर बैंक और सरकारी काम अटक सकते हैं।
- आधार में नाम बदलना अब पहले जितना आसान नहीं
- UIDAI ने बड़े बदलावों पर सख्ती बढ़ाई
- सिर्फ एफिडेविट से नहीं होगा पूरा नाम अपडेट
- गलत प्रक्रिया से अटक सकते हैं बैंक और सरकारी काम
Aadhaar Card Update: अगर आप अब भी यह मानकर चल रहे हैं कि आधार कार्ड में नाम या सरनेम बदलवाना एक साधारण औपचारिकता है तो हालिया नियम आपको चौंका सकते हैं। पहचान से जुड़े मामलों में बढ़ते फर्जीवाड़े के बाद UIDAI ने नाम अपडेट की प्रक्रिया को पहले से ज्यादा सख्त बना दिया है। अब बड़े बदलावों के लिए केवल एफिडेविट या स्थानीय दस्तावेज काफी नहीं माने जा रहे।
छोटे सुधार और बड़े बदलाव में फर्क
नई व्यवस्था में यह साफ किया गया है कि हर बदलाव को एक ही तराजू में नहीं तौला जाएगा। अगर नाम की स्पेलिंग में मामूली गलती है या अक्षर इधर-उधर हुए हैं तो सामान्य पहचान पत्रों से सुधार संभव है। लेकिन पूरा नाम बदलना, सरनेम जोड़ना या हटाना या ऐसा बदलाव जिसका पहले कोई मजबूत सरकारी रिकॉर्ड मौजूद नहीं है अब गंभीर श्रेणी में रखा गया है।
गजट नोटिफिकेशन क्यों बन गया अहम
ऐसे मामलों में अब केंद्र सरकार के गजट नोटिफिकेशन की मांग की जा सकती है। यह वही कानूनी प्रक्रिया है, जिसमें पहले शपथ पत्र तैयार किया जाता है, फिर अखबारों में नाम परिवर्तन का प्रकाशन होता है और अंत में भारत सरकार के प्रकाशन विभाग से राजपत्र में नाम दर्ज होता है। एक बार नाम गजट में प्रकाशित हो जाए तो उसकी कानूनी वैधता पर कोई सवाल नहीं उठता।
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नियम तोड़ने का सीधा असर आपकी जिंदगी पर
अगर कोई व्यक्ति बिना तय प्रक्रिया के आधार में बड़ा बदलाव कराने की कोशिश करता है, तो आवेदन सीधे खारिज हो सकता है। असर सिर्फ आधार तक सीमित नहीं रहता। पैन से लिंकिंग, बैंक खाता, पासपोर्ट, बीमा और सरकारी योजनाओं तक में नाम का अंतर परेशानी खड़ी कर सकता है। कई मामलों में लोगों को महीनों तक दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
दिल्ली से उम्मीद और हकीकत
अक्सर लोग सोचते हैं कि स्थानीय स्तर पर काम न बने तो दिल्ली से मामला सुलझ जाएगा। लेकिन हकीकत यह है कि गजट प्रकाशन एक तय सरकारी प्रक्रिया है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। शॉर्टकट अपनाने की कोशिश उल्टा समय और पैसा दोनों बर्बाद कर सकती है।
अगर फिर भी आधार अपडेट न हो तो रास्ता क्या है
गजट नोटिफिकेशन के बाद भी अगर आधार में नाम अपडेट अटकता है, तो UIDAI की आधिकारिक हेल्पलाइन या ईमेल के जरिए शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
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कानूनी दस्तावेज होने की वजह से ऐसी शिकायतों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। एक्सपर का इसको लेकर मानना है कि नए नियमों को समझकर और सही तैयारी के साथ आवेदन करना ही अब सुरक्षित रास्ता है।
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