बिहार में बिजली हो सकती है महंगी, 1 अप्रैल 2026 से प्रति यूनिट 35 पैसे बढ़ाने का प्रस्ताव
बिहार में बिजली वितरण कंपनियों ने सभी श्रेणियों में प्रति यूनिट 35 पैसे बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। मंजूरी मिलने पर 1 अप्रैल 2026 से दरें बढ़ेंगी। ग्रामीण उपभोक्ताओं पर ज्यादा असर, शहरी इलाकों को आंशिक राहत की उम्मीद।
- बिहार में बिजली दरों को लेकर हलचल
- 1 अप्रैल 2026 से महंगी हो सकती है बिजली
- ग्रामीण उपभोक्ताओं पर बढ़ेगा बोझ, शहरों को आंशिक राहत की उम्मीद
- टैरिफ पर फैसला जनसुनवाई के बाद
बिहार में बिजली उपभोक्ताओं के लिए आने वाले महीनों में जेब पर असर पड़ सकता है। राज्य की बिजली वितरण कंपनियों ने बिजली दरों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव नियामक आयोग के सामने रख दिया है। अगर यह प्रस्ताव मौजूदा रूप में मंजूर हो जाता है तो 1 अप्रैल 2026 से पूरे राज्य में बिजली महंगी हो जाएगी।
इस प्रस्ताव में सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए प्रति यूनिट 35 पैसे की बढ़ोतरी की बात कही गई है। घरेलू, व्यावसायिक और अन्य कैटेगरी में एक समान इजाफे का सुझाव दिया गया है जिससे आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ गई है।
हर यूनिट पर 35 पैसे बढ़ाने का प्रस्ताव
बिजली कंपनियों का कहना है कि मौजूदा लागत और सिस्टम से जुड़े खर्चों को देखते हुए टैरिफ में संशोधन जरूरी हो गया है। प्रस्ताव के अनुसार, घरेलू उपभोक्ताओं से लेकर व्यापारिक कनेक्शन तक सभी को प्रति यूनिट 35 पैसे ज्यादा चुकाने पड़ सकते हैं। यह बढ़ोतरी सीधे मासिक बिजली बिल में नजर आएगी।
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ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं पर ज्यादा असर
ग्रामीण इलाकों में रहने वाले घरेलू उपभोक्ताओं के लिए यह प्रस्ताव ज्यादा भारी साबित हो सकता है। फिलहाल 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलने के बाद अतिरिक्त खपत पर बिल बनता है। नए टैरिफ में मुफ्त सीमा से ऊपर इस्तेमाल होने वाली हर यूनिट पर 35 पैसे अतिरिक्त चार्ज लगाने की बात कही गई है। इससे ग्रामीण परिवारों का बिजली खर्च बढ़ने की आशंका है।
शहरी उपभोक्ताओं को मिल सकती है कुछ राहत
हालांकि प्रस्ताव में शहरी उपभोक्ताओं के लिए एक राहत की बात भी शामिल है। बिजली कंपनियों ने दो स्लैब को मिलाकर एक करने का सुझाव दिया है। अगर यह बदलाव मंजूर हो जाता है तो शहरों में बिजली दरों की जटिलता कम हो सकती है और कुछ उपभोक्ताओं को सीमित फायदा मिल सकता है।
छोटे दुकानदारों के लिए फिक्स चार्ज पर राहत
छोटे व्यापारियों को ध्यान में रखते हुए फिक्स चार्ज घटाने का प्रस्ताव भी दिया गया है। इससे दुकानदारों पर पड़ने वाला स्थायी बोझ कुछ हद तक कम हो सकता है। हालांकि यूनिट दर बढ़ने के बाद कुल बिल पर इसका असर कितना पड़ेगा यह अंतिम टैरिफ लागू होने के बाद ही साफ होगा।
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जनसुनवाई में रखी जा सकेगी राय
बिजली दरों में बढ़ोतरी के इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला जनसुनवाई के बाद लिया जाएगा। बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने उपभोक्ताओं से राय लेने के लिए अलग-अलग जिलों में सुनवाई की तारीखें तय की हैं।
15 जनवरी को बेगूसराय, 19 जनवरी को गया और 5 फरवरी को पटना स्थित विद्युत भवन मुख्यालय में जनसुनवाई होगी। इसके बाद आयोग टैरिफ पर अंतिम निर्णय करेगा।
फिलहाल प्रस्ताव सामने आने के बाद आम उपभोक्ताओं के बीच चिंता का माहौल है। अब सबकी नजर आयोग के फैसले पर टिकी है जो तय करेगा कि बिहार में बिजली कितनी महंगी होगी।
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