2300 करोड़ का क्रिप्टो घोटाला: ED की बड़ी कार्रवाई, मास्टरमाइंड फरार—8 ठिकानों पर छापेमारी
Crypto Scam: हिमाचल प्रदेश और पंजाब में बीते कुछ महीनों से चर्चाओं में रहे फर्जी क्रिप्टोकरेंसी पोंजी नेटवर्क के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ा कदम उठाया है। 13 अक्टूबर को हुई इस कार्रवाई में ईडी ने दोनों राज्यों में फैले 8 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। जांच से जुड़े अफसरों का कहना है कि यह नेटवर्क सिर्फ धोखाधड़ी नहीं बल्कि लाखों परिवारों की बचत को निगल चुकी संगठित वित्तीय साज़िश है, जिसने करीब 2300 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया।
सालों से बिछा रखा था क्रिप्टो MLM का जाल
जिन प्लेटफॉर्मों के नाम सामने आए हैं — Corevio, Voscrow, DGT, Hypnext और A-Global — वे बाहर से हाई-टेक, आकर्षक और भविष्य के निवेश की तरह दिखते थे। अंदर से ये क्लासिक पोंजी मॉडल पर चलते थे, जहां पुराने निवेशकों को भुगतान नए लोगों की जमा पूंजी से किया जाता था।
ईडी की शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि प्लेटफॉर्मों की कीमतें कृत्रिम रूप से बढ़ाई जाती थीं, फर्जी टोकन बनाए जाते थे और जब भी शक गहराता, वेबसाइटों को बंद कर नए नामों से पुनः लॉन्च कर दिया जाता।
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मास्टरमाइंड पहले ही देश छोड़ भागा
जांच में मुख्य आरोपी के रूप में सामने आए सुभाष शर्मा ने 2023 में ही देश छोड़ दिया था। उसके खिलाफ हिमाचल और पंजाब के कई पुलिस स्टेशनों में एफआईआर दर्ज थीं। ईडी की टीम को संदेह है कि बाहरी देशों से वह अब भी नेटवर्क को संचालित करने में किसी न किसी रूप में जुड़ा हो सकता है।
इसके अलावा, पोंजी चेन में काम करने वाले कई कमीशन एजेंटों ने नई भर्तियों के बदले करोड़ों रुपये कमाए। विदेशी ट्रिप, प्रचार सम्मेलनों और बड़े वादों के जरिए भोले-भाले निवेशकों को आकर्षित किया गया।
कानून को खुली चुनौती: फ्रीज्ड संपत्ति भी बेच दी
सबसे चौंकाने वाली जानकारी यह सामने आई है कि 4 नवंबर 2023 को राज्य पुलिस की जांच के बाद जारी फ्रीजिंग ऑर्डर के बावजूद जीरकपुर स्थित 15 प्लॉटों में से एक को आरोपी विजय जुनेजा ने बेच दिया।
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यह कदम सीधे तौर पर कानून और जांच एजेंसियों की कार्रवाई की अवहेलना माना जा रहा है।
ईडी की रेड में जब्त हुई संपत्तियां, दस्तावेजों से खुलने लगी परतें
तलाशी में ईडी ने 3 लॉकरों, बैंक खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट समेत कुल लगभग 1.2 करोड़ रुपये को फ्रीज किया है।
इसके अलावा कई ऐसे दस्तावेज मिले हैं जो बेनामी निवेशों की तरफ संकेत करते हैं — वह निवेश जो इस पोंजी स्कीम से कमाए अपराधिक धन से किए गए थे।
अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है और आगे के चरणों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
निवेशकों की उम्मीद: “अब कहीं जाकर न्याय की रोशनी दिख रही है”
हिमाचल और पंजाब के कई जिलों में इस घोटाले से प्रभावित परिवार आज भी कर्ज और टूटे भरोसे से जूझ रहे हैं।
ईडी की यह कार्रवाई उन हजारों लोगों के लिए उम्मीद की नई किरण जैसी मानी जा रही है, जिन्होंने अपनी मेहनत की कमाई नई तकनीक के नाम पर गँवा दी।
जांच एजेंसी का कहना है कि केस की तह तक पहुंचने और अपराध की आय की पूरी रिकवरी के प्रयास जारी हैं।
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