गोवा नाइट क्लब त्रासदी: सिलेंडर ब्लास्ट से 25 की मौत, किचन में मिली लाशें — सीएम ने की मजिस्ट्रेट जांच की घोषणा

Goa Club Fire Update: गोवा की उत्सव भरी रात शनिवार को अचानक मातम में बदल गई, जब उत्तरी गोवा के अर्पोरा इलाके में एक नाइट क्लब में लगी भीषण आग ने कम से कम 25 लोगों की जान ले ली। यह हादसा ऐसे समय हुआ, जब क्लब में रात की भीड़ बढ़ने ही वाली थी। शुरुआती जांच में पुलिस का संदेह सिलेंडर विस्फोट पर टिक गया है, लेकिन प्रशासन अभी सभी पहलुओं की जांच कर रहा है।
किचन बना मौत का कुआँ, ज्यादातर कर्मचारी झुलसकर या दम घुटने से मारे गए
रविवार तड़के जब तक फ्लेम्स शांत हुईं, फायर टीम को ज़्यादातर शव किचन एरिया में मिले। माना जा रहा है कि विस्फोट यहीं हुआ, और मिनटों में घना धुआँ पूरे क्लब में फैल गया।
डीजीपी आलोक कुमार के मुताबिक, मृतकों में अधिकांश क्लब के किचन स्टाफ थे, जबकि कुछ बाहरी पर्यटक भी इस हादसे का शिकार बने। तीन महिलाओं की मौत की भी पुष्टि हुई है।
11:30 से 12 बजे के बीच ‘सब कुछ पलक झपकते बदल गया’ — चश्मदीद
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गेट पर तैनात सुरक्षा गार्ड संजय कुमार गुप्ता ने कहा,
“सब ठीक चल रहा था… डीजे और डांस परफॉर्मेंस शुरू होने वाली थी। तभी एक तेज धमाका हुआ। देखते ही देखते धुआँ बाहर आने लगा और लोग चीखते हुए बाहर भागने लगे।”
पास के एक अन्य रेस्टोरेंट गार्ड ने बताया कि धमाका किसी वाहन के टायर फटने जैसा लगा था, लेकिन तुरंत पता चला कि गैस सिलेंडर फटा है।
सीएम सावंत मौके पर हालात की समीक्षा में जुटे, मजिस्ट्रेट जांच के आदेश
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने घटना को “बेहद दर्दनाक” बताया और कहा कि 6 घायलों की स्थिति अब स्थिर है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि:
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सिर्फ 3 लोगों की मौत जलने से हुई
बाकी 22 की मौत दम घुटने से हुई
घटना की मजिस्ट्रेट जांच होगी और दोषियों पर “कड़ी कार्रवाई” की जाएगी
प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, गृह मंत्री — सभी ने जताया दुख; PMO की ओर से सहायता की घोषणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा कि उन्होंने मुख्यमंत्री सावंत से बात की है और राज्य सरकार प्रभावित परिवारों को हर सहायता दे रही है।
पीएमओ ने प्रत्येक मृतक के परिवार को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की मदद की घोषणा की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और गृह मंत्री अमित शाह ने भी घटना पर शोक व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की।
क्या गोवा के क्लब सुरक्षित हैं? हादसे ने खड़े किए गंभीर सवाल
स्थानीय विधायक माइकल लोबो ने साफ कहा कि यह घटना “गोवा की सुरक्षा छवि पर बड़ा सवाल” है। उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य के सभी क्लबों और बार-लाउंज का फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य रूप से कराया जाए, ताकि ऐसी घटनाएँ दोबारा न हों।
टूरिज़्म पर निर्भर राज्य में यह हादसा बड़ी चिंता का विषय बन गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जहां पर्यटकों की भीड़ हो, वहां इमरजेंसी एग्जिट, गैस सेफ्टी और किचन प्रोटोकॉल का कठोर पालन बेहद ज़रूरी है — जो इस हादसे में नज़र नहीं आया।
आग आखिर लगी कैसे?
पुलिस और फायर डिपार्टमेंट की संयुक्त टीम अब यह पता लगा रही है कि:
सिलेंडर ब्लास्ट कैसे हुआ?
क्या मेंटेनेंस में कोई लापरवाही थी?
किचन वेंटिलेशन और गैस लाइन्स सुरक्षित थीं या नहीं?
जांच रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा कि यह हादसा मानव त्रुटि, लापरवाही, या सिस्टम की किसी बड़ी कमजोर कड़ी का परिणाम था।
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