MP में बदल गया प्रोटोकॉल: अब 2 नहीं बल्कि पूरे 6 अंतरे गाए जाएंगे, CM मोहन यादव का बड़ा फैसला
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने केंद्र सरकार के निर्देश पर राज्य में 'वंदे मातरम' के सभी 6 अंतरों को अनिवार्य कर दिया है। अब सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रगान से पहले राष्ट्रगीत का पूरा गायन होगा। जानें क्या हैं नए नियम और सजा के प्रावधान।
- वंदे मातरम के सभी 6 अंतरों का गायन अनिवार्य
- राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ से पहले गाया जाएगा राष्ट्रगीत
- MP में तत्काल प्रभाव से लागू हुआ गृह मंत्रालय का आदेश
- नियम तोड़ने या अनादर करने पर 3 साल तक की जेल
भोपाल/नई दिल्ली: राष्ट्रभक्ति की लहर अब मध्य प्रदेश की रगों में एक नई ऊर्जा के साथ दौड़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्र सरकार के उस ऐतिहासिक फैसले को राज्य में तत्काल प्रभाव से लागू करने का ऐलान कर दिया है, जो सीधे तौर पर हमारी राष्ट्रीय अस्मिता से जुड़ा है। अब सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के केवल दो नहीं, बल्कि पूरे 6 अंतरे गाए जाएंगे।
सिर्फ गीत नहीं, आजादी का गौरवशाली इतिहास
अबतक परिपाटी यह थी कि वंदे मातरम के केवल शुरुआती दो अंतरे ही गाए जाते थे, लेकिन 150वें वर्ष के इस विशेष अवसर पर केंद्र सरकार ने इसकी पूरी गरिमा को पुनर्जीवित करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस कदम को ‘राष्ट्रीय एकता का सूत्र’ बताते हुए कहा कि यह फैसला हमें उन अनगिनत बलिदानों की याद दिलाएगा, जिन्होंने भारत की नींव रखी है।
क्या है प्रोटोकॉल: जन गण मन से पहले वंदना
गृह मंत्रालय के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार अब प्रोटोकॉल में एक बड़ा बदलाव दिखेगा। किसी भी आधिकारिक समारोह में ‘जन गण मन’ (राष्ट्रगान) से पहले ‘वंदे मातरम’ (राष्ट्रगीत) गाया जाएगा। यह नियम राष्ट्रपति और राज्यपालों के आगमन-प्रस्थान, ध्वजारोहण और नागरिक सम्मान समारोहों (जैसे पद्म पुरस्कार) पर कड़ाई से लागू होगा।
सिनेमा हॉल से रेडियो तक, हर जगह गूंजेगा स्वर
यह आदेश केवल सरकारी गलियारों तक सीमित नहीं है। अब आकाशवाणी और दूरदर्शन पर राष्ट्रपति के संबोधन से पहले और बाद में इसे बजाया जाएगा। खास बात यह है कि सिनेमा हॉल जैसे सार्वजनिक स्थानों पर भी इसे बजाने का प्रावधान किया गया है, हालांकि वहां सम्मान में खड़ा होना अनिवार्य नहीं बनाया गया है ताकि किसी भी तरह के विवाद की स्थिति न बने।
सजा का भी है प्रावधान
बता दें कि साल 2025 के संसद के शीतकालीन सत्र में इस पर विशेष चर्चा हुई थी। कानून के मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर राष्ट्रगान या इस नए प्रोटोकॉल के तहत राष्ट्रगीत के प्रति अनादर प्रदर्शित करता है या बाधा डालता है, तो उसे 3 साल तक की जेल हो सकती है। एमपी सरकार ने इसे ‘इमीडिएट इफेक्ट’ (तत्काल प्रभाव) से लागू कर देश में सबसे पहले कदम बढ़ा दिए हैं।
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