Voter ID Rules 2026: क्या आपके पास भी हैं दो वोटर कार्ड? जेल जाने से पहले तुरंत कर लें ये काम, चुनाव आयोग हुआ सख्त
सावधान! अगर आपके पास दो वोटर आईडी कार्ड हैं, तो आपको एक साल की जेल हो सकती है। चुनाव आयोग 2026 में तकनीक के जरिए डुप्लीकेट वोटर्स की पहचान कर रहा है। जानें लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 31 और बचने का सही तरीका।
- एक व्यक्ति दो वोट पर कड़ा प्रहार
- लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 31 का खतरा
- आधार-बायोमेट्रिक लिंकिंग से पकड़ी जाएगी चोरी
- PAN कार्ड पर भी 10 हजार का भारी जुर्माना
New Delhi: क्या आप भी उन लोगों में से हैं जो नौकरी या पढ़ाई के लिए शहर बदलते ही नया वोटर आईडी कार्ड (Voter ID) बनवा लेते हैं? अगर हाँ, तो सावधान हो जाइए। आपकी यह ‘सहूलियत’ आपको सीधे सलाखों के पीछे ले जा सकती है। 2026 के डिजिटल युग में भारतीय चुनाव आयोग (ECI) अब पहले से कहीं ज्यादा सख्त और तकनीकी रूप से लैस हो चुका है। अब ‘एक व्यक्ति, एक वोट’ सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि एक कड़ा कानून है जिसे तोड़ना आपको भारी पड़ सकता है।
आधार लिंकिंग ने खोली पोल: अब छिपना नामुमकिन
अक्सर देखा जाता है कि लोग अपने गांव का वोटर कार्ड भी रखते हैं और शहर का भी। उन्हें लगता है कि सिस्टम को क्या पता चलेगा? लेकिन अब खेल बदल चुका है। चुनाव आयोग ने आधार और बायोमेट्रिक डेटा के जरिए मतदाता सूची की ‘सफाई’ शुरू कर दी है। डिजिटल इंडिया के इस दौर में आपकी उंगलियों के निशान और आधार नंबर आपकी दोहरी पहचान का राज तुरंत खोल देते हैं। आयोग का स्पष्ट कहना है कि लोकतंत्र की शुद्धता से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कानून का शिकंजा: धारा 31 के तहत हो सकती है जेल
अगर आप जानबूझकर दो अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में अपना नाम दर्ज रखते हैं, तो आप लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की रडार पर हैं। इसकी धारा 17 और 18 साफ कहती है कि एक व्यक्ति का नाम एक से ज्यादा जगह नहीं हो सकता।
सबसे खतरनाक है धारा 31। अगर यह साबित हो गया कि आपने फर्जी जानकारी देकर या जानबूझकर दो कार्ड बनवाए हैं, तो आपको एक साल तक की जेल की सजा हो सकती है। इसके साथ ही मोटा जुर्माना भी भरना पड़ सकता है। यह एक गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में भी आ सकता है अगर इसमें धोखाधड़ी का इरादा बड़े स्तर पर हो।
सिर्फ वोटर कार्ड ही नहीं, PAN पर भी ₹10,000 की मार
सरकार की यह सख्ती सिर्फ चुनाव तक सीमित नहीं है। अगर आपके पास एक से अधिक PAN कार्ड पाए जाते हैं, तो आयकर विभाग की धारा 139A के तहत आप पर 10,000 रुपये का तत्काल जुर्माना लगाया जा सकता है। सरकार अब ‘वन नेशन, वन आईडी’ की तरफ बढ़ रही है, जहाँ आपके सभी दस्तावेज आपस में लिंक हैं। ऐसे में फर्जीवाड़ा करना खुद के पैर पर कुल्हाड़ी मारने जैसा है।
प्रो टिप: यदि गलती से आपके दो कार्ड बन गए हैं, तो डरे नहीं। चुनाव आयोग के Form-7 को भरकर आप खुद अपना नाम कटवा सकते हैं। स्वेच्छा से किया गया सरेंडर आपको कानूनी कार्रवाई से बचा सकता है।



