CIBIL Score Improvement: ये 4 आदतें बदलते ही बैंक खुद देगा लोन का ऑफर, जाने कैसे बढ़ाएं अपना सिबिल स्कोर
CIBIL स्कोर सुधारना मुश्किल नहीं बस कुछ गलत आदतों से दूरी जरूरी है। समय पर भुगतान, सीमित क्रेडिट कार्ड उपयोग, जॉइंट लोन में सावधानी और सही लोन बैलेंस से स्कोर तेजी से बेहतर हो सकता है। आइये जानते है की कौन कौन सी आदतों को बदलकर आप अपने स्कोर को एकदम सही कर सकते है।
- CIBIL स्कोर बढ़ाने में सबसे बड़ी भूमिका समय पर भुगतान की
- क्रेडिट कार्ड लिमिट का पूरा इस्तेमाल स्कोर पर भारी पड़ता है
- जॉइंट लोन में एक की गलती, सब पर असर
- सुरक्षित और असुरक्षित लोन का सही बैलेंस जरूरी
आज लोन लेना सिर्फ ज़रूरत नहीं बल्कि कई लोगों के लिए मजबूरी बन चुका है। घर हो, गाड़ी या फिर अचानक आया मेडिकल खर्च, लोन देने से पहले हर जगह पर हर बैंक पहले एक ही चीज़ देखता है आपका CIBIL स्कोर। तीन अंकों का यह स्कोर अब आपकी साख का आईना माना जाता है। स्कोर अच्छा है तो लोन आसानी से मिल जाता है और वो भी बहुत ही कम ब्याज पर। स्कोर कमजोर हुआ तो दरवाज़े भी आधे खुले मिलते हैं और लोन लेते है ना नुकर होती है वो अलग। चलिए इसको लेकर कुछ जानकारी आपको दे देते है की कैसे आप अपने सिबिल को सही कर सकते है।
समय पर भुगतान करने की आदत डालो
बैंकिंग एक्सपर्ट्स मानते हैं कि CIBIL स्कोर सुधारने का सबसे सीधा रास्ता है EMI और क्रेडिट कार्ड बिल समय पर चुकाना। होम लोन हो या पर्सनल लोन, एक भी देरी सीधे रिकॉर्ड में दर्ज होती है। कई लोग इसे हल्के में लेते हैं लेकिन यही देरी आगे चलकर लोन रिजेक्शन की वजह बन जाती है। समय पर भुगतान धीरे-धीरे आपके क्रेडिट प्रोफाइल को मजबूत करता है।
क्रेडिट कार्ड की लिमिट सही इस्तेमाल करो
अक्सर लोग पूरी क्रेडिट लिमिट खर्च कर लेते हैं यह सोचकर कि बाद में चुका देंगे। लेकिन बैंक इसे जरूरत नहीं बल्कि निर्भरता के रूप में देखते हैं। फाइनेंशियल सलाहकार बताते हैं कि कुल लिमिट का 30 प्रतिशत से ज्यादा इस्तेमाल न करना बेहतर माना जाता है। लिमिट के अंदर खर्च करने से स्कोर स्थिर रहता है और भरोसेमंद छवि बनती है।
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जॉइंट लोन में भरोसा नहीं करना चाहिए
दोस्त या रिश्तेदार के साथ लिया गया जॉइंट लोन कई बार परेशानी बन जाता है। अगर एक पक्ष EMI नहीं भरता तो सिस्टम दोनों को डिफॉल्टर मानता है। इसका असर सिर्फ रिश्तों पर नहीं बल्कि सीधे CIBIL स्कोर पर पड़ता है। इसलिए जॉइंट लोन लेते समय भुगतान की जिम्मेदारी पहले ही तय होना बेहद जरूरी है।
सुरक्षित और असुरक्षित लोन का संतुलन ही सही रास्ता
सिर्फ क्रेडिट कार्ड और पर्सनल लोन पर निर्भर रहना स्कोर को कमजोर कर सकता है। वहीं होम लोन या कार लोन जैसे सुरक्षित लोन आपके प्रोफाइल को संतुलन देते हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक सुरक्षित और असुरक्षित लोन का सही मिश्रण बैंक को यह संकेत देता है कि आप क्रेडिट को समझदारी से संभालते हैं।
तो आपम सभी इस प्रकार से इन छोटी छोटी आदतों को अगर बदल लेते हो तो कुछ समय में ही आपका स्कोर भी ठीक होने लगता है और एक दिन ऐसा आता है की आपका स्कोर पूरी तरह से सही हो जाता है। उम्मीद है ये जानकारी आपके काम आएगी।
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