Diwali Bonus 2025: आपको मिलने वाला बोनस डाल सकता है आपको मुसीबत में, जाने त्योहारों पर मिलने वाले उपहार और बोनस पर टैक्स के क्या नियम बनाये गए है!
दिवाली (Diwali) का त्योहार नजदीक है और कर्मचारियों के चेहरों पर मुस्कान लाने वाला समय भी आ गया है. कंपनियाँ अपने कर्मचारियों को बोनस (Bonus) और उपहार (Gifts) देती हैं लेकिन क्या आपने सोचा है कि ये बोनस और गिफ्ट्स टैक्स के दायरे में आ सकते हैं? जी हाँ आपका दिवाली बोनस पूरी तरह से कर योग्य (Taxable) हो सकता है. आइए जानते है की कौन कौन से उपहार आयकर के दायरे में आते है और कंपनी कितना बोनस आपको देती है तो आप भी टेक्स दायरे में आ जाते है।
बोनस पर टैक्स का नियम
अगर आपकी कंपनी आपको दिवाली के मौके पर नकद बोनस (Cash Bonus) देती है, तो यह आपकी आय (Income) का हिस्सा माना जाता है. मान लीजिए आपको ₹25,000 का बोनस मिला तो इस पर आपके सैलरी स्लैब (Tax Slab) के हिसाब से टैक्स देना होगा. आयकर अधिनियम (Income Tax Act) के तहत कोई विशेष छूट (Exemption) इस बोनस पर नहीं मिलती. अगर आप इसे अपनी आय में शामिल नहीं करते तो आयकर विभाग (Income Tax Department) की ओर से नोटिस (Notice) आ सकता है.
उपहारों पर टैक्स का क्या है नियम?
कई कंपनियाँ नकद की जगह मिठाई, गैजेट्स (Gadgets), कपड़े या गिफ्ट वाउचर (Gift Vouchers) देती हैं. लेकिन क्या ये टैक्स-फ्री हैं? आयकर अधिनियम की धारा 56 (Section 56) के अनुसार अगर आपको परिवार के बाहर से (Non-relatives) कोई उपहार मिलता है और उसकी कीमत एक वित्तीय वर्ष (Financial Year) में ₹50,000 से ज्यादा है तो पूरी राशि पर टैक्स देना होगा.
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उदाहरण के लिए, अगर आपकी कंपनी आपको ₹60,000 का गिफ्ट वाउचर देती है तो यह पूरी राशि कर योग्य होगी. लेकिन अगर उपहार की कीमत ₹50,000 से कम है तो आप टैक्स से बच सकते हैं.
व्यक्तिगत खरीदारी और टैक्स
दिवाली पर हम सोना (Gold), कपड़े, मिठाई (Sweets) या घर की सजावट (Decoration) जैसी चीजें खरीदते हैं. ये खर्च व्यक्तिगत माने जाते हैं और इन पर कोई टैक्स छूट (Tax Deduction) नहीं मिलती. हालांकि अगर आप अपने बिजनेस (Business) के लिए कुछ खरीदते हैं और उसके दस्तावेज (Documentation) रखते हैं, तो वह टैक्स-कटौती योग्य हो सकता है.
टैक्स बचाने के टिप्स
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उपहार की सीमा में रहें: अगर परिवार के बाहर से मिलने वाले उपहारों की कीमत ₹50,000 से कम है, तो टैक्स नहीं देना होगा.
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आय में बोनस शामिल करें: अपने नकद बोनस को आयकर रिटर्न (Income Tax Return) में जरूर दिखाएँ, ताकि नोटिस से बचा जा सके.
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नई टैक्स प्रणाली: अगर आपकी सालाना आय ₹12 लाख तक है, तो आपको ₹60,000 तक की टैक्स छूट मिल सकती है.
सावधानी बरतें
दिवाली का उत्साह दोगुना करने वाला बोनस टैक्स की चिंता न बन जाए इसके लिए अपनी आय और उपहारों का हिसाब रखें. अगर आप टैक्स नियमों (Tax Rules) को समझकर चलेंगे तो त्योहार का मजा बिना किसी परेशानी के ले सकते हैं.
अधिक जानकारी के लिए अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट (Chartered Accountant) से सलाह लें और टैक्स नियमों का पालन करें.
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