EPFO New Rule: दिवाली से पहले ईपीएफओ का बड़ा तोहफा, अब जमा राशि का 100% तक निकाल सकेंगे सदस्य!

नई दिल्ली: कर्मचारियों के लिए दिवाली से पहले बड़ी खुशखबरी सामने आई है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने 7 करोड़ से ज्यादा सदस्यों को राहत देते हुए आंशिक निकासी से जुड़े नियमों को आसान बना दिया है। अब सदस्य अपनी जमा राशि का 100% तक निकाल सकेंगे, जिससे तात्कालिक वित्तीय जरूरतें पूरी करना बेहद आसान हो गया है।

केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय न्यासी मंडल (CBT) की बैठक में यह फैसला लिया गया। मंत्रालय का कहना है कि इस कदम से सदस्य बिना अपनी रिटायरमेंट सेविंग से समझौता किए आवश्यक जरूरतों को समय पर पूरा कर पाएंगे।

क्या है नया नियम?

ईपीएफओ के ताजा फैसले के तहत अब सदस्य अपनी भविष्य निधि में जमा राशि — कर्मचारी और नियोक्ता, दोनों का हिस्सा — पूरी पात्र राशि तक निकाल सकेंगे। पहले निकासी के लिए 13 अलग-अलग जटिल प्रावधान थे, जिन्हें अब सिर्फ तीन श्रेणियों में बांटा गया है —

  • आवश्यक जरूरतें (जैसे बीमारी, शिक्षा, विवाह)
  • आवासीय जरूरतें
  • विशेष परिस्थितियां

शादी और शिक्षा जैसी जरूरतों के लिए निकासी सीमा अब 10 और 5 बार तक सीमित की गई है। वहीं “विशेष परिस्थिति” में अब निकासी का कारण बताने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे आवेदन अस्वीकार होने की संभावना काफी कम हो जाएगी।

सेवा अवधि में भी छूट, जल्दी निकासी संभव

पहले आंशिक निकासी के लिए न्यूनतम सेवा अवधि अधिक थी, लेकिन अब इसे घटाकर सिर्फ 12 महीने कर दिया गया है। यानी, नौकरी में एक साल पूरा करने पर ही सदस्य अपनी ईपीएफ राशि तक आंशिक पहुंच बना सकेंगे।

ईपीएफओ ने यह भी तय किया है कि सदस्य अपनी जमा राशि का कम से कम 25% हिस्सा खाते में रिटायरमेंट तक बनाए रखें ताकि उन्हें उच्च ब्याज और चक्रवृद्धि लाभ मिल सके।

वहीं, परिपक्वता-पूर्व निकासी की अवधि को दो महीने से बढ़ाकर 12 महीने और अंतिम पेंशन निकासी अवधि को 36 महीने तक कर दिया गया है। इस फैसले से कर्मचारियों को अपनी तत्काल जरूरतों और रिटायरमेंट योजनाओं में संतुलन रखने में मदद मिलेगी।

‘विश्वास योजना’ को मिली मंजूरी

सीबीटी ने बैठक में एक और अहम फैसला लेते हुए विश्वास योजना को मंजूरी दे दी। इस योजना के तहत अंशदान में देरी करने वाले नियोक्ताओं पर लगने वाले दंड को घटाकर सिर्फ 1% प्रति माह कर दिया गया है। यह योजना 6 महीने के लिए लागू रहेगी और जरूरत पड़ने पर इसे 6 महीने और बढ़ाया जा सकता है।

डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अब घर बैठे

सीबीटी ने इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के साथ एमओयू को भी मंजूरी दी है। इसके तहत पेंशनधारक घर बैठे ही डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (DLC) प्राप्त कर सकेंगे। इस सुविधा के लिए 50 रुपये की फीस ईपीएफओ खुद वहन करेगा। इससे बुजुर्ग पेंशनभोगियों को काफी राहत मिलने वाली है।

EPFO 3.0: डिजिटल बदलाव की दिशा में बड़ा कदम

ईपीएफओ का नया EPFO 3.0 इनिशिएटिव अब सदस्य-केंद्रित डिजिटल बदलाव की दिशा में एक और कदम है। इसमें

  • क्लाउड बेस्ड कोर बैंकिंग
  • एपीआई-आधारित मॉड्यूल
  • मल्टी-लैंग्वेज सेल्फ-सर्विस

जैसी सुविधाएं शामिल होंगी जिससे दावे और निकासी प्रक्रिया और भी तेज व पारदर्शी हो जाएगी।

निवेश पोर्टफोलियो में सुधार

ईपीएफओ ने अपने डेट पोर्टफोलियो को और मजबूत करने के लिए पाँच साल की अवधि के लिए चार फंड मैनेजर नियुक्त किए हैं। इसका उद्देश्य निवेश में विविधता लाना और सदस्यों के रिटर्न को बढ़ाना है।

श्रम मंत्री मांडविया ने कहा कि ये फैसले कर्मचारियों को वित्तीय सुरक्षा, डिजिटल सुविधा और भरोसेमंद सेवाएं देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम हैं।

News End

Click here to read more news in this category: Finance

Saloni Yadav

Saloni Yadav (Journalist): There is an experienced journalist who has covered many different topics in his 10-year career. He has worked with many large publications and is now offering his services on NFL Spice. Saloni Yadav always shares information based on authentic sources and his experience and gives right and reliable advice to readers. Contact Email: saloniyadav@nflspice.com Website: nflspice.com
फीडबैक या शिकायत के लिए: newsdesk@nflspice.com

Related Stories