EPFO का नया नियम: अब PF से पूरी राशि निकालने की छूट, बचत होगी और आसान
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर 2025: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने करोड़ों सदस्यों के लिए एक बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है। केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) की 238वीं बैठक में कई अहम बदलावों को हरी झंडी दिखाई गई है, जिसका सीधा फायदा कर्मचारियों को मिलेगा। अब EPFO सदस्य अपने खाते में जमा पूरी राशि, यानी कर्मचारी और नियोक्ता दोनों के हिस्से को 100% निकाल सकेंगे। इसके साथ ही आंशिक निकासी के नियमों को भी सरल और पारदर्शी बनाया गया है ताकि जरूरत पड़ने पर पैसे निकालना आसान हो।
नए नियम, नई सुविधाएं
केंद्रीय श्रम मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कर्मचारियों की सहूलियत के लिए कई बड़े कदम उठाए गए। अब तक PF निकासी के लिए 13 अलग-अलग नियम थे, जिन्हें अब केवल तीन आसान श्रेणियों में बांटा गया है:
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आवश्यक जरूरतें: बीमारी, शिक्षा, और शादी जैसे खर्चों के लिए।
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हाउसिंग जरूरतें: मकान खरीदने या बनाने से जुड़े खर्च।
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विशेष परिस्थितियां: प्राकृतिक आपदा, बेरोजगारी, या अन्य आपातकाल।
इसके अलावा, अब शिक्षा के लिए 10 बार और शादी के लिए 5 बार तक निकासी की जा सकती है। पहले ये सीमा केवल 3 बार थी। न्यूनतम सेवा अवधि को भी घटाकर 12 महीने कर दिया गया है, जिससे कर्मचारियों को जल्दी फायदा मिलेगा।
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Chaired the 238th meeting of Central Board of Trustees of EPFO.
Under the leadership of PM Shri @NarendraModi ji, we are ensuring ease of living for members and ease of doing business for employers.
Key decision taken 👇
📖 https://t.co/Tg3cJ6EMUo pic.twitter.com/3RS1c4lqrX
— Dr Mansukh Mandaviya (@mansukhmandviya) October 13, 2025
100% निकासी की आजादी
सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब EPFO सदस्य अपने खाते में जमा पूरी राशि, यानी कर्मचारी और नियोक्ता दोनों के हिस्से को निकाल सकेंगे। हालांकि, यह सुनिश्चित किया गया है कि खाते में 25% राशि मिनिमम बैलेंस के रूप में रहे, ताकि 8.25% की ब्याज दर और चक्रवृद्धि ब्याज का लाभ मिलता रहे। इससे रिटायरमेंट के लिए एक मजबूत फंड तैयार करने में मदद मिलेगी।
बिना कारण बताए निकासी की सुविधा
पहले विशेष परिस्थितियों में निकासी के लिए कारण बताना पड़ता था, जिसके चलते कई बार क्लेम खारिज हो जाते थे। अब इस परेशानी से छुटकारा मिल गया है। नए नियमों के तहत विशेष परिस्थितियों में बिना कारण बताए पैसे निकाले जा सकेंगे। इससे कर्मचारियों को आपातकाल में तुरंत राहत मिलेगी।
ऑटोमैटिक सेटलमेंट और डिजिटल सुधार
EPFO ने निकासी प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और ऑटोमैटिक करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं होगी, और क्लेम का निपटारा तेजी से होगा। समय से पहले फाइनल सेटलमेंट की अवधि को 2 महीने से बढ़ाकर 12 महीने और पेंशन निकासी की अवधि को 2 महीने से 36 महीने कर दिया गया है।
इसके साथ ही, EPFO ने ‘EPFO 3.0’ के तहत डिजिटल सेवाओं को और मजबूत किया है। क्लाउड-बेस्ड, API-फर्स्ट, और माइक्रो सर्विसेज आधारित सिस्टम से क्लेम प्रोसेसिंग तेज होगी, तुरंत निकासी संभव होगी, और बहुभाषी सेल्फ-सर्विस की सुविधा भी मिलेगी।
कर्मचारियों के लिए राहत भरा कदम
श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा, “ये बदलाव कर्मचारियों के जीवन को आसान बनाने और उनकी वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। हमारा लक्ष्य है कि EPFO की सेवाएं पारदर्शी, तेज, और सभी के लिए सुलभ हों।”
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