चिराग पासवान का पटना में बड़ा धमाका: 40 सीटों पर दावेदारी, NDA में तनाव की खबरें तेज़

चिराग पासवान ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए 40 सीटों पर दावा किया है, जिससे NDA में सीट बंटवारे को लेकर तनातनी तेज हुई है। पटना की आपात बैठक में चिराग ने कड़ा तेवर दिखाया, राजनीति में हलचल मच गई।

पटना। बिहार की राजनीति में फिर हलचल मच गई है। केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने पटना में आपातकालीन बैठक कर सीट बंटवारे की जंग से पहले बड़ा बयान दिया है। उनकी मांग है कि 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में वे 40 से ज्यादा सीटों पर उम्मीदवार उतारेंगे, जो कि बीजेपी और जेडीयू को रास नहीं आ रहा। बीजेपी ने पार्टी को लगभग 25 सीटें देने का प्रस्ताव रखा है, लेकिन चिराग पासवान इस संख्या पर संतुष्ट नहीं हैं। इस कारण एनडीए के अंदर तनाव की खबरें जोर पकड़ रही हैं।

चिराग पासवान का सशक्त तेवर

चिराग पासवान ने अपनी पार्टी LJP की बैठक से पहले सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर एक प्रेरक संदेश भी साझा किया जिसमें उन्होंने लिखा, “जुर्म करो मत, जुर्म सहो मत। जीना है तो मरना सीखो, कदम-कदम पर लड़ना सीखो।” यह संदेश उनके मजबूत इरादों और चुनौतियों के लिए तैयार रहने का संकेत है। बिहार की राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि चिराग कम से कम 40 सीटों पर अपनी पार्टी के उम्मीदवार उतारना चाहते हैं, जो कि पहले की तुलना में दावेदारी को बढ़ा रहा है।

एनडीए के भीतर सीट बंटवारे का झगड़ा

एनडीए में शामिल बड़े दल बीजेपी और जेडीयू ने अपनी-अपनी सीटों का कब्जा करने की कोशिश की है, वही LJP की मांगों से स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। खासकर बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए बीजेपी ने चिराग को 25 सीटें देने का प्रस्ताव दिया है, जो उनके लिए अस्वीकार्य है। इसके अलावा, जीतन राम मांझी की पार्टी HAM भी अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की मांग लेकर आई है, जिससे सीटों की जंग और जटिल हो गई है।

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पिछले चुनावों की यादें

2020 विधानसभा चुनाव में भी चिराग पासवान ने NDA से विवाद के चलते अपनी अलग राह अपनाई थी और जेडीयू को निशाना बनाया था। इस बार भी उनकी मांगों के चलते NDA को बड़ा झटका लग सकता है। हालांकि, जानकार मानते हैं कि इस बार वे पूर्ण गठबंधन से अलग नहीं होंगे, बल्कि अपने अधिकारों और हिस्सेदारी को लेकर कड़ा दबाव बनाएंगे।

सियासी विशेषज्ञ क्या कह रहे हैं?

विशेषज्ञों का मानना है कि चिराग पासवान की सीटों की मांग NDA गठबंधन में एक बड़ा संकट पैदा कर सकती है, लेकिन वे पूरी तरह गठबंधन को तोड़ने की स्थिति में नहीं हैं। उनकी रणनीति अधिक सीटें हासिल करने की है ताकि बिहार की सियासत में अपनी विरासत को मजबूत किया जा सके। आगामी चुनाव बिहार की राजनीति में नई घुमावदार लाएंगे।

बिहार की जनता की नजरें

पटना में हुई इस अहम बैठक के बाद बिहार की जनता बेसब्री से इंतजार कर रही है कि चिराग पासवान का अगला कदम क्या होगा। क्या वे युवाओं और दलितों के बीच अपनी पकड़ और मजबूत करेंगे या NDA के भीतर सीटों का मामला सुलझा लेंगे, यह देखने वाली बात होगी। चुनाव करीब हैं और सियासी सूरमा मैदान में पूरी ताकत झोंकने को तैयार हैं।

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Ankit Chouhan

अंकित चौहान एनएफएल स्पाइस न्यूज़ पर ऑटोमोबाइल और गैजेट्स पर आर्टिकल लिखते है. इन्होने ऑटोमोबाइल पर पिछले 5 सालों से अलग अलग पोर्टल के साथ में कंटेंट राइटिंग का काम किया है और मौजूदा समय में इनको ऑटोमोबाइल और गैजेट्स सेक्टर की काफी तगड़ी पकड़ है.
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