Vote Chori Protest: रामलीला मैदान में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, कर्नाटक के सभी विधायक होंगे शामिल
दिल्ली (एनएफएल स्पाइस) : नई दिल्ली में रविवार को सियासी माहौल अचानक गर्म होने वाला है। कांग्रेस पार्टी ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ा प्रदर्शन करने जा रही है। यह सिर्फ एक सामान्य विरोध नहीं, बल्कि देशभर में चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों को एक मंच पर लाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। खास बात यह है कि इस प्रदर्शन में कर्नाटक कांग्रेस के सभी विधायक, वरिष्ठ नेता और एक हजार से ज्यादा कार्यकर्ता मौजूद रहेंगे।
कर्नाटक से दिल्ली तक की यह सियासी यात्रा अचानक नहीं बनी। बीते दिनों बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में शुरू हुए ‘वोट चोरी’ अभियान को कांग्रेस अब राष्ट्रीय स्तर पर ले जाना चाहती है। पार्टी का मानना है कि अलग-अलग राज्यों में मतदाता सूची से नाम हटाने की घटनाएं सिर्फ प्रशासनिक गलती नहीं, बल्कि एक गंभीर लोकतांत्रिक मुद्दा हैं। इसी वजह से दिल्ली का यह कार्यक्रम कांग्रेस के लिए रणनीतिक और प्रतीकात्मक दोनों माना जा रहा है।
कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार खुद इस प्रदर्शन में शामिल होंगे। उनका कहना है कि कर्नाटक से विधायक और एमएलसी ट्रेन और फ्लाइट के जरिए दिल्ली पहुंचे हैं और यह मौजूदगी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के अभियान को मजबूती देगी। शिवकुमार के मुताबिक, 100 से ज्यादा निर्वाचित जनप्रतिनिधि इस कार्यक्रम में शामिल होकर यह संदेश देंगे कि मामला सिर्फ किसी एक राज्य का नहीं है।
पार्टी नेतृत्व यह भी याद दिला रहा है कि चुनावी हार के बाद भी राहुल गांधी ने मतदाता अधिकारों को लेकर देशव्यापी जागरूकता अभियान चलाया था। इस बार कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी आंदोलन की अगुवाई कर रहे हैं। रविवार को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के दिल्ली पहुंचने की भी जानकारी दी गई है, जिससे यह प्रदर्शन और बड़ा रूप ले सकता है।
‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर कांग्रेस सीधे तौर पर चुनावी व्यवस्था पर सवाल उठा रही है। पार्टी का आरोप है कि देश के कई हिस्सों में अल्पसंख्यक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं और इस संबंध में पूछे गए सवालों के जवाब नहीं दिए जा रहे। आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी न मिलने को लेकर भी कांग्रेस ने नाराज़गी जताई है।
कांग्रेस का कहना है कि रामलीला मैदान का यह प्रदर्शन सिर्फ विरोध दर्ज कराने तक सीमित नहीं रहेगा। पार्टी इसे लोकतंत्र की रक्षा और स्वतंत्र, निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की व्यापक लड़ाई का हिस्सा बता रही है। दिल्ली में होने वाला यह जुटान आने वाले दिनों में चुनावी राजनीति की दिशा तय करने वाला संकेत भी माना जा रहा है।
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