कर्नाटक की राजनीति को बड़ा झटका: कांग्रेस के दिग्गज शमनूर शिवशंकरप्पा का निधन

Breaking News: बेंगलुरु की राजनीति रविवार को अचानक ठहर-सी गई। कर्नाटक कांग्रेस के सबसे अनुभवी चेहरों में शुमार और दावणगेरे की सियासत की पहचान रहे शमनूर शिवशंकरप्पा का एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। लंबे समय से चल रही बीमारी के बीच उनका जाना न सिर्फ कांग्रेस बल्कि राज्य की राजनीतिक संस्कृति के लिए भी एक खालीपन छोड़ गया है। अस्पताल के बाहर और दावणगेरे में उनके समर्थकों की भीड़ देर तक खामोशी में डूबी रही—यह वही शहर है जिसे वे अपने सार्वजनिक जीवन की सबसे बड़ी प्रयोगशाला मानते थे।

शमनूर शिवशंकरप्पा की राजनीति हमेशा शोर से दूर रही। आरोप-प्रत्यारोप के दौर में भी वे अपने काम की भाषा बोलते रहे—स्थानीय विकास, शिक्षा और सामाजिक संतुलन। इसी कारण उनके निधन की खबर फैलते ही सत्ता और विपक्ष, दोनों खेमों से संवेदनाएं सामने आईं। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने उन्हें ऐसे राजनेता के रूप में याद किया, जिन्होंने लंबा सार्वजनिक जीवन बेदाग छवि के साथ जिया और दावणगेरे को मॉडल जिला बनाने की दिशा में ठोस काम किया। उनके शब्दों में, यह योगदान उन्हें लोगों की स्मृति में जीवित रखेगा।

डिप्टी मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भी शोक जताते हुए शिक्षा के क्षेत्र में शिवशंकरप्पा के विशेष योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि समाज सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने कई पीढ़ियों को दिशा दी। कांग्रेस संगठन के भीतर भी यह स्वीकार किया गया कि उनका अनुभव और संतुलन कठिन राजनीतिक क्षणों में मार्गदर्शक रहा।

सिर्फ कांग्रेस ही नहीं, विपक्ष की ओर से भी श्रद्धांजलि आई। कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष विजयेंद्र येदियुरप्पा ने उन्हें एक ऐसे वरिष्ठ नेता के तौर पर याद किया, जिन्होंने विधायक और मंत्री के रूप में व्यापक योगदान दिया और वीरशैव लिंगायत समुदाय की एकता के लिए लगातार काम किया। उनके अनुसार, यह समुदाय ही नहीं, राज्य की राजनीति के लिए भी एक मार्गदर्शक के खोने का क्षण है।

परिवार के प्रति संवेदनाओं के साथ नेताओं ने उनके बेटे एस.एस. मल्लिकार्जुन का उल्लेख करते हुए इस कठिन समय में संबल की कामना की। शमनूर शिवशंकरप्पा का जाना उस पीढ़ी की राजनीति को विदा कहता है जहां सार्वजनिक जीवन में स्थायित्व और जमीन से जुड़ाव सबसे बड़ा मूल्य माना जाता था। बेंगलुरु से दावणगेरे तक, आज की चर्चा सिर्फ एक नेता के निधन की नहीं बल्कि उस शैली की है जो अब विरल होती जा रही है।

News End

Click here to read more news in this category: Politics

Saloni Yadav

Saloni Yadav (Journalist): There is an experienced journalist who has covered many different topics in his 10-year career. He has worked with many large publications and is now offering his services on NFL Spice. Saloni Yadav always shares information based on authentic sources and his experience and gives right and reliable advice to readers. Contact Email: saloniyadav@nflspice.com Website: nflspice.com
फीडबैक या शिकायत के लिए: newsdesk@nflspice.com

Related Stories