मोकामा केस में बड़ा खुलासा: जनसुराज समर्थक की मौत हादसा या साजिश? DGP ने खोला राज

मोकामा में जनसुराज (Jansuraj) समर्थक दुलारचंद यादव की मौत पर बिहार पुलिस प्रमुख (DGP) विनय कुमार ने कहा कि यह हादसा था या सोची-समझी साजिश, इसकी पुलिस जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मिले वीडियो ने नई दिशा दी है ओर कारवाही को भी तेज कर दिया गया है।
बिहार पुलिस महानिदेशक (Director General of Police, DGP) विनय कुमार ने कहा कि मोकामा में जनसुराज (Jansuraj) समर्थक दुलारचंद यादव की मौत दुर्घटना (Accident) थी या अपराध (Crime) यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल चुनाव है ओर चुनाव के बाद इसकी जांच ओर भी तेज होने वाली है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या है?
आप सभी की जानकारी के लिए बता दें कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पाया गया है कि मौत किसी भारी वस्तु (Heavy Object) के ऊपर से गुजरने से हुई है — संभवतः कोई वाहन ऊपर से गुजरा हो। हालांकि यह जानबूझकर किया गया या नहीं इसकी पुष्टि विस्तृत जांच के बाद की जाएगी।
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डीजीपी के अनुसार जो बातें सामने आ रही है उनके अनुसार शव पर गोली लगने के निशान जरूर हैं लेकिन रिपोर्ट में गोली से मौत होने की पुष्टि नहीं हुई है। गोली पैर के निचले हिस्से (Lower Leg) में लगी है जो घातक नहीं थी ओर उससे किसी इंसान की मौत नहीं हो सकती।
झड़प और उपद्रव के वीडियो मिले
डीजीपी ने रविवार को पुलिस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि शुरुआती जांच में यह पता चला है कि चुनाव प्रचार के दौरान जदयू (JDU) और जनसुराज (Jansuraj) समर्थकों के बीच झड़प और पथराव (Stone Pelting) हुआ था।
घटनास्थल से मिले वीडियो में भीड़ द्वारा पथराव करते और गाड़ियां भागते नजर आ रही हैं। इस दौरान कुछ लोग दुलारचंद यादव से मिलते-जुलते दिखे हैं जो पथराव में शामिल थे।
अनंत सिंह की भूमिका पर जांच जारी
डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि पूर्व विधायक अनंत सिंह भी मौके पर मौजूद थे और वे अपने समर्थकों के साथ आगे बढ़ रहे थे। भीड़ में उन्माद (Anarchy) फैलने के कारण सामूहिक जिम्मेदारी के तहत उन्हें गिरफ्तार किया गया है।
अनंत सिंह से पूछताछ की जा चुकी है और जरूरत पड़ने पर उन्हें रिमांड (Remand) पर लेकर दोबारा पूछताछ की जाएगी। तलाशी के दौरान उनके ठिकाने से कोई हथियार बरामद नहीं हुआ है।
पीयूष प्रियदर्शी की होगी गिरफ्तारी
डीजीपी ने कहा कि इस मामले में जनसुराज पार्टी के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी (Piyush Priyadarshi) को भी गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस वीडियो और साक्ष्यों (Evidence) के आधार पर उपद्रव में शामिल हर व्यक्ति की पहचान कर रही है।
अब तक 80 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
विनय कुमार ने चेतावनी दी कि जातीय द्वेष (Caste Hatred) या उन्माद फैलाने वाले सोशल मीडिया पोस्ट करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाएगी। मोकामा की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में बताई जा रही है और सीआईडी (CID) टीम स्थानीय पुलिस के साथ जांच में जुटी है।
डीजीपी ने जनता से अपील की कि वे भ्रामक जानकारी या भड़काऊ पोस्ट न करें और यदि किसी के पास वीडियो सबूत हैं तो वे अधिकारियों को सौंपें। घटना की गंभीरता को देखते हुए पोस्टमार्टम (Postmortem) प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई है ताकि जांच पारदर्शी रहे।
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