भ्रष्टाचार केस में पंजाब के DIG हरचरण भुल्लर को नहीं मिली राहत, CBI कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका
CBI कोर्ट, चंडीगढ़ ने पंजाब पुलिस के सस्पेंडेड DIG हरचरण सिंह भुल्लर की जमानत याचिका खारिज कर दी। भुल्लर को भ्रष्टाचार के मामले में रिश्वत मांगने के आरोप में CBI ने गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने माना कि रिहाई से गवाहों पर दबाव बन सकता है।

- सस्पेंडेड DIG हरचरण भुल्लर को CBI कोर्ट से नहीं मिली जमानत
- आरोपी पर कारोबारी से रिश्वत (bribe) मांगने का आरोप
- शिकायत पर CBI ने सर्च और ट्रैप के बाद की थी गिरफ्तारी
- सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली राहत, भुल्लर जेल में न्यायिक हिरासत में
चंडीगढ़ की CBI कोर्ट ने शुक्रवार को पंजाब पुलिस के सस्पेंडेड डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) हरचरण सिंह भुल्लर की बेल (bail) याचिका को खारिज कर दिया। भुल्लर पर कथित तौर पर रिश्वत (bribe) मांगने का आरोप है, जिसके कारण वह बीते अक्टूबर से जेल में हैं।
रिश्वतखोरी के जाल में हुई थी DIG की गिरफ़्तारी
CBI ने 16 अक्टूबर 2025 को भुल्लर और उनके कथित साथी किरीशानु शारदा को गिरफ्तार किया था। ये कार्रवाई मंड़ी गोबिंदगढ़ (Mandi Gobindgarh) के उद्योगपति आकाश बट्टा की शिकायत पर हुई थी। बट्टा ने 11 अक्टूबर को दर्ज कराई शिकायत में कहा था कि DIG ने उसके खिलाफ दर्ज पुराने FIR को “सेटल” करने के लिए अपने माध्यम (middleman) के ज़रिए अवैध रिश्वत की मांग की थी।
CBI ने शिकायत की जांच के बाद ट्रैप (trap) बिछाया और दोनों आरोपियों को रंगे हाथों रिश्वत की राशि के साथ गिरफ्तार किया।
इसे भी पढ़ें: दिनदहाड़े मर्डर से हिला कपूरथला, योजनाबद्ध हत्या की जांच में जुटी पुलिस
वकीलों की दलीलें और कोर्ट का रुख
भुल्लर के वकील एस.पी.एस भुल्लर ने कोर्ट में कहा कि इस केस की चार्जशीट (charge sheet) दाखिल हो चुकी है और जांच पूरी हो चुकी है। इसलिए, अब आरोपी को जेल में रखने की जरूरत नहीं है। उनका दावा था कि भुल्लर का गवाहों को प्रभावित करने का कोई इरादा नहीं है।
लेकिन CBI की ओर से पेश पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नरेंद्र सिंह ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि रिहाई मिलने पर आरोपी गवाहों पर दबाव डाल सकता है, जिससे जांच की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने बेल अर्जी खारिज कर दी।
पहले भी लौटी खाली हाथ
यह पहला मौका नहीं है जब हरचरण भुल्लर को कोर्ट से झटका लगा है। इससे पहले भी disproportionate assets केस में उनकी डिफ़ॉल्ट बेल (default bail) याचिका खारिज हो चुकी है। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने भी अंतरिम राहत देने से इनकार किया था। इस समय भुल्लर चंडीगढ़ की बुरैल जेल (Burail Jail) में न्यायिक हिरासत में हैं।
इसे भी पढ़ें: संगरूर में रिश्वतखोर तहसीलदार गिरफ्तार, घर से मिली नकदी – विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई
पंजाब पुलिस के लिए बढ़ी नैतिक दबाव की चिंता
DIG स्तर के अधिकारी का बार-बार नाम आना पंजाब पुलिस के लिए नैतिक चुनौती बन गया है। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, ऐसे मामलों से न सिर्फ इमेज (image) प्रभावित होती है बल्कि जनता का भरोसा भी कम होता है।
CBI की आगे की कार्रवाई पर अब सबकी निगाहें टिकी हैं क्योंकि इस केस का असर पंजाब पुलिस के कई पुराने मामलों की पुन: समीक्षा (review) पर भी पड़ सकता है।
इस श्रेणी की और खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें: Punjab

